बरेली। राजेंद्रनगर ए-ब्लॉक स्थित पार्क के समीप शनिवार तड़के अनुमति के बिना ही आम का हरा-भरा पेड़ काट दिया गया। इस पर स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और पार्षद सतीश चंद्र कातिब को सूचना दी। पार्षद ने मौके पर पहुंचकर नगर आयुक्त संजीव मौर्य को कॉल कर मामले से अवगत कराते हुए विरोध दर्ज कराया। पार्षद ने बताया कि उन्होंने 30 मार्च को नगर निगम को पत्र देकर इंदिरानगर और राजेंद्रनगर क्षेत्र में राहगीरों व मकानों के लिए संकट बने 14 पेड़ों की छंटाई कराने की मांग की थी। नगर निगम की ओर से छंटाई के लिए निर्धारित सरकारी रकम जमा न करने के कारण यह काम काफी समय तक अटका रहा। हाल ही में संपन्न हुई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में पार्षद ने इस मुद्दे को उठाया था। तब महापौर ने पर्यावरण अभियंता राजीव राठी को तुरंत सरकारी फीस जमा करवाकर नियमानुसार पेड़ों की छंटाई कराने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि इस आदेश की आड़ में शनिवार तड़के कुछ लोग औजारों के साथ पहुंचे और पेड़ को जड़ से काटना शुरू कर दिया। मौके पर न तो वन विभाग का कोई जिम्मेदार मौजूद रहा, न ही नगर निगम के अफसर। विद्युत निगम से शटडाउन भी नहीं लिया गया। नतीजा, विशालकाय पेड़ का हिस्सा पास स्थित बिजली के खंभे और तारों पर जा गिरा। इससे धमाके के साथ बिजली का खंभा गिर गया और पार्क की पक्की दीवार भी टूट गई। खंभा टूटने के कारण इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत निगम के एसडीओ राजकुमार कुशवाह ने बताया कि इस कार्य के लिए शटडाउन नहीं मांगा गया था। हालांकि दोपहर तक मलबे को हटाकर आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। अनुमति पत्र नहीं दिखा सके मजदूर : पेड़ काट रहे मजदूर कोई अनुमति पत्र या विभागीय आदेश नहीं दिखा सके। शिकायत पर नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने तत्काल संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) को मौके पर भेजकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के हरा-भरा पेड़ काटने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।।
बरेली से कपिल यादव
