रामपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत मंजूर की थी। शुक्रवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में हाईकोर्ट का आदेश दाखिल कर जमानत की शर्तें पूरी की गई। रिहाई परवाने जारी होने के बाद जैसे ही शनिवार शाम दोनों जेल से बाहर आए, ईडी ने आजम खान को हिरासत में ले लिया। रामपुर के एएसपी अनिल सिंह सिसोदिया ने बताया कि ईडी की टीम आजम को हिरासत मे लेकर गाजियाबाद मुख्यालय पूछताछ के लिए ले गई है। जेल से बाहर आते ही आजम खान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब कहने को बचा ही क्या है? मैं क्या कहूं? कानून का वजूद खत्म हो चुका है। क्या यह एक मुसलमान होने की सजा है? हमारी गलती यह थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यही हमारा गुनाह है। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनाए। क्या यह हमारा गुनाह है?” आजम खां के 11 महीने 14 दिन बाद जेल से रिहाई के संकेत देख बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता दोपहर से ही कारागार के बाहर जुट गए थे। आजम खां को ईडी की टीम द्वारा घेरते ही उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। ईडी विरोधी नारे लगाए। दो पैनकार्ड मामले में जिला स्तरीय अदालत से आजम खां और अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाए जाने के बाद 17 नवंबर 2025 को जेल भेजा गया था। ईडी की ओर से 13 अक्तूबर को जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के इस्तेमाल समेत कुछ अन्य आरोपों में अजीमनगर थाने में आजम खां के खिलाफ ताजा मामला दर्ज कराया था। दो पैनकार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को हाईकोर्ट से 29 अक्तूबर को जमानत मिल गई थी। शुक्रवार को कोर्ट से रिहाई का परवाना जारी होने के बाद उनके जेल से छूटने के आसार नजर आने लगे थे। आजम से जुड़े कुछ अन्य मामलों में परवाने बाकी होने से रिहाई में रोड़ा अटकने की संभावना भी जताई जा रही थी। इस बीच आजम खां के अधिवक्ता ने तेजी पकड़ते हुए शनिवार को उनसे जुड़े अन्य मामलों में भी परवाने जारी करा लिए।।
बरेली से कपिल यादव
