बरेली। बोरे मे बंद कर फेंके गए नवजात की शुक्रवार को मौत हो गई है। छह दिन तक मौत से लड़ते-लड़ते आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गया। इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह एसआरएमएस अस्पताल मे उसकी मौत हो गई। जिसके बाद सीडब्ल्यूसी की तहरीर पर इज्जतनगर पुलिस ने बच्चा फेंकने वाली नानी पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। 11 जून को इज्जतनगर के एक इलाके मे 16 वर्ष की किशोरी बिन ब्याही मां बनी थी। इसके बाद नवजात की नानी ने उसे बोरे में बंद कर झाड़ियों में फेंक दिया था। झाड़ियों में बच्चे को फेंकते महिला सीसीटीवी में कैद हो गई। सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने नवजात की नानी को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। जिसके बाद उसने अपना जुर्म कुबूल किया था। उधर बच्चे को इलाज के लिए पहले सत्य अस्पताल बाद मे जिला अस्पताल और कही भी फायदा नही मिलने पर एसआरएमएस में भर्ती कराया गया था। जहां उसका इलाज चल रहा था। नवजात की नानी उसकी परवरिश के लिए बाल कल्याण समिति से उसे मांग रही थी। मगर बाल कल्याण समिति ने केवल मां-बाप को ही बच्चा सौंपने की बात कही। इसके बाद गुरुवार को बच्चे की नाबालिग मां और पिता बाल कल्याण समिति के सामने पेश हुए। मगर नाबालिग मां ने 12 जून को बच्चा पैदा होने की बात कही थी लेकिन सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बच्चे का जन्म 11 तारीख को हुआ था। सीसीटीवी फुटेज और मां के बयानों में भिन्नता के चलते मां बाप को बच्चा नही सौंपा गया। बाल कल्याण समिति ने गुरुवार को इज्जनगर पुलिस से नानी पर एफआइआर दर्ज कराने की बात कही। इसी प्रक्रिया के बीच शुक्रवार की सुबह बच्चे ने इलाज के दौरान एसआरएमएस में अपना दम तोड़ दिया।।
बरेली से कपिल यादव
