बरेली। भारतीय खाद्य निगम मे संविदाकर्मी की नौकरी दिलाने के नाम पर सात लोगों से 14 लाख दिए। कई महीने बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ितों ने अपना पैसा वापस मांगा। ठगों ने जान से मारने की धमकी दी। परेशान पीड़ितों ने बुधवार को एसएसपी से शिकायत की तो उन्होंने जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। आपको बता दें कि थाना हाफिजगंज क्षेत्र के गांव भीकमपुर निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि कुछ महीने पहले वह भर्ती की जानकारी के लिए एफसीआई के दफ्तर गए थे। उसके साथ परमेश्वरी दयाल, खेमकरन लाल, काली चरन, बसंत कुमार, हरीश कुमार और रुकुम सिंह भी थे। वहां दफ्तर के बाहर राजेश्वर और उसके कुछ साथी मिले। उन्होंने बताया कि वे एफसीआई मे सरकारी नौकरी करते हैं। संविदा पर उनकी नौकरी लगवा सकते है। आरोपियों ने सभी को अपने गांव बुलाया। बातचीत के बाद सभी लोगों के शैक्षिक प्रमाण पत्र ले लिए। साथ ही कहा कि जल्द संविदा पर नौकरी लग जाएगी। कुछ हफ्तों बाद राजेश्वर ने उन्हें फिर बुलाया। उन सभी को अपॉइंटमेंट लेटर दिखाया। साथ ही कहा कि सभी के लेटर बन गए है। अब सभी को 2-2 लाख सिक्योरिटी मनी के तौर पर देने होंगे। जिसके बाद अपॉइंटमेंट लेटर उनके घर पहुंच जाएगा। उनकी बात पर भरोसा कर सभी ने 2-2 लाख रुपए इकठ्ठा कर आरोपियों को दे दिए। मगर उसके कई महीने बाद भी लेटर नही आया। इस पर वे लोग एफसीआई कार्यालय में नौकरी के बारे में पता करने गए। वहां के कर्मचारियों ने बताया कि राजेश्वर और उसका गैंग ठग है। इस पर 24 अक्टूबर को सभी पीड़ित राजेश्वर के गांव पहुंचे। उन लोगों ने अपने रुपए वापस मांगे तो उसने देने से इनकार कर दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी देने लगे। पीड़ितों ने भुता पुलिस से शिकायत की लेकिन सुनवाई नही हुई। जिसके बाद बुधवार को वे लोग एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से मिले। एसएसपी ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए है।।
बरेली से कपिल यादव
