ई-20 पेट्रोल से खराब हो रही गाड़ियां, तेल कंपनियों ने खोली पंप संचालकों की पोल

बरेली। ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियां खराब होने को लेकर लोगों मे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सरकार की ओर से इस पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। जिले के अधिकांश पंपों पर भी ई-20 पेट्रोल ही सप्लाई हो रहा है। ऐसे में तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल पंपाें पर फ्लेक्स लगाकर लोगों को ई-20 से गाड़ियों को कोई नुकसान न होने को लेकर जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा कंपनियों के इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर भी अलग-अलग वीडियो के माध्यम से भी जागरूक किया जा रहा है। हालांकि कुछ पंप संचालक मशीन पर पर्चे छपवाकर लोगों को भ्रमित भी कर रहे हैं। कंपनियों के अधिकारी ऐसा करने वाले पंप संचालकों पर कार्रवाई की भी बात कह रहे है। ई-20 पेट्रोल 20 प्रतिशत एथेनाल मिला होता है। एक अप्रैल से सभी पेट्रोल पंपों पर इसकी बिक्री अनिवार्य की गई है। बरेली रीजन मे हिंदुस्तान पेट्रोलियम के बरेली समेत आठ जिले आते है। इसी तरह से भारत पेट्रोलियम और इंडियन आयल के भी सात-आठ अलग-अलग जिले आते है। इन आठ जिलों में सबसे अधिक इंडियन आयल के लगभग 750, एचपी के तीन सौ और भारत पेट्रोलियम के भी तीन सौ पंप होंगे। बरेली जिले में इंडियन आयल के सबसे अधिक डेढ़ सौ, एचपी के 60 पंप हैं। लगभग इतने ही पंप भारत पेट्रोलियम के हैं। इसके अलावा कुछ निजी कंपनियों के भी पंप है। एक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगभग सभी पंपों पर ई-20 पेट्रोल की ही सप्लाई की जा रही है। बरसात के सीजन में औसत रोजाना उनके आठ जिलों के पेट्रोल पंपों से तीन सौ किलोलीटर तेल की बिक्री होती है, जो अभी भी जारी है। इसी तरह से अन्य कंपनियों की भी बिक्री पेट्रोल पंपों के आधार पर हो रही है। उन्होंने बताया कि ई-20 पेट्रोल से गाड़िया खराब होने का डर फैलाया जा रहा है। कुछ पंप संचालक कह रहे हैं कि उनके यहां ई-20 पेट्रोल की बिक्री नहीं हो रही है तो वह ग्राहकों को गुमराह कर अधिक बिक्री का प्रयास कर रहे हैं। यदि ई-20 पेट्रोल से गाड़ियां खराब हो रही होती हैं तो सैकड़ों की संख्या में अब तक गाड़ियां खराब हो जाती। यही वजह है कि अब लोगों को ई-20 पेट्रोल से गाड़ी खराब न होने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। शनिवार को शहर के कई पेट्रोल पंपों पर जाकर देखा तो पाया कि पेट्रोल पंपों पर फ्लेक्स के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। सिविल लाइंस में इंडियन आयल और हिंदुस्तान पेट्रोल पंप पर भी फ्लेक्स रखा मिला। इसमें लिखा है कि ई-20 परीक्षित, विश्वसनीय और सुरक्षित है। इससे इंजन को कोई नुकसान नहीं है और बीमार क्लेम पर भी कोई प्रभाव नहीं है। यह ई-10 ईधन की तुलना में बेहतर एक्सेलेरेशन और अधिक स्मूद ड्राइविंग अनुभव, कार्बन उत्सर्जन में 30 प्रतिशत तक की कमी, जिससे स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा मिलता है। उच्च आक्टेन रेटिंग के कारण यह आधुनिक हाई कंप्रेशन इंजनों के लिए अधिक उपयुक्त है। रिसर्च आक्टेन नंबर 95 तक होने से नार्किंग कम होती है और इंजन बेहतर प्रदर्शन करता है। इस तरह की जानकारी पेट्रोल पंप कंपनियों की इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर भी साझा की जा रही है। बदायूं रोड पर भारत पेट्रोलियम के एक पंप पर मशीन पर पर्चा चस्पा किया गया है, जिसमें लिखा है कि भारत सरकार की ओर से पेट्रोल में एथेनाल का मिश्रण किया जा रहा है। असुविधा से बचने के लिए गाड़ी की टंकी को हर तरीके की नमी से बचाने की कृपा करें, क्योंकि नमी के संपर्क में आते ही पेट्रोल और एथेनाल अलग-अलग हो जाता है। एथेनाल भारी होने की वजह से नीचे बैठ जाता है, जिसके कारण आपकी गाड़ी बंद होगी, इसमें पंप मालिक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।।

बरेली से कपिल यादव

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