बरेली। रविवार को इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने पैगंबर मोहम्मद पर की गई विवादित टिप्पणी के विरोध मे प्रदर्शन किया। भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारी तादाद में लोगों की भीड़ जुटी। मुफ्ती खुर्शीद आलम ने लब्बेक या रसुल्लाह पढ़ा तो नबी की मुहब्बत से मैदान गूंज उठा। मौलाना तौकीर ने कहा कि ये आला हजरत की सरजमीं है। यहां से रसुल्लाह के लिए दरूद पढ़ा गया। कहा कि नूपुर की गिरफ्तारी होने तक हमारी मांग जारी रहेगी। मंच से मौलाना तौकीर रजा खां ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को इस्लाम समझाने के लिए कलमा पढ़ने की सलाह दे डाली। उन्होंने सरकार को ललकारते हुए कहा कि जो माहौल आज बरेली में दिखाया है यह 10 को और 17 को भी दिखा सकता था। मैं जुमे से डरा नहीं था बल्कि बताना जरूरी था की हम हर दिन तैयार हैं। अगर हमारी बात नहीं सुनी गई तो भारत के हर सूबे में यह माहौल बनाकर दिखाया जायेगा। मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री और अमित शाह को दावत देता हूं। इस्लाम में ऊंच नीच नही है। क्योंकि सफाई वाला भी नमाज पढ़ने आता है तो साथ खड़ा होता है। मोक्ष का रास्ता किसी को चाहिए तो इस्लाम में ही मिल सकता है। हजरत उमर जब कुफ्र की हालत मे थे तब पैगंबर को कत्ल करने की सोचते थे। मगर बाद में वह ईमान ले आए और खलीफा बने। उसी तरह नरेंद्र मोदी कलमा पढ़कर इस्लाम कबूल करें। तौकीर रजा यहीं नहीं रुके उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अग्निपथ विवाद पर भी चुटकी ले डाली। उन्होंने अग्निपथ योजना को लेकर कहा कि जब योजना का नाम ही अग्निपथ है तो आग लगनी तय है। उन्होंने युवाओं के समर्थन की भी बात कही। ज्ञापन देना होगा तो हम संयुक्त राष्ट्र संघ में जाकर ज्ञापन देंगे। प्रधानमंत्री को नजर नहीं आ रहा है कि पूरी दुनिया में देश की कितनी बदनामी हो रही है। हमे तकलीफ हो रही है क्योंकि अकेले उनका देश नहीं है। इस्लामिया ग्राउंड में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में मौलाना तौकीर ने कहा कि इस वक्त देश में मुसलमानों के साथ अन्याय हो रहा और यह बात वह पूरी दुनिया को बताएंगे। इस मौके पर मैदान में भारी भीड़ उमड़ी। हालांकि प्रशासन ने प्रदर्शन में सिर्फ 1500 लोगों के शामिल होने की अनुमति ही दी थी।।
बरेली से कपिल यादव
