बरेली। उद्योग व्यापार सुरक्षा मंडल ने शुक्रवार को केके हॉस्पिटल रोड स्थित एक प्रतिष्ठान पर व्यापारियों के साथ संवाद किया। इसमें दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क के संभावित आर्थिक प्रभाव पर चर्चा की गई। व्यापारियों ने छोटे दुकानदारों और खुदरा कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताते हुए केंद्र सरकार से शुल्क व्यवस्था की समीक्षा की मांग की। मंडल अध्यक्ष गौरव सक्सेना ने कहा कि किसी व्यापारी का कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन उसकी कमाई या मुनाफा नहीं होता। कारोबार में माल की खरीद, किराया, बिजली, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च शामिल होते हैं। ऐसे में शुल्क तय करते समय केवल ट्रांजेक्शन की राशि के बजाय वास्तविक लागत और मुनाफे को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। महामंत्री दिलीप खुराना ने कहा कि छोटे व्यापारी सीमित मार्जिन पर कारोबार करते हैं। चेतन गुजराल ने शुल्क व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में असमंजस की बात कही। शिवम सक्सेना ने ग्राहकों से जहां संभव हो, छोटे व्यापारियों को नकद भुगतान करने की अपील की। अंकित खंडूजा ने कहा कि शुल्क व्यवस्था पर व्यापारिक संगठनों से संवाद होना चाहिए। संवाद में अमित कंचन, अवधेश कुमार त्रिवेदी, मो. सैफ, शैलेंद्र सिंह, शिशिर श्रीवास्तव और रोबिन जायसवाल ने भी अपनी बात रखी।।
बरेली से कपिल यादव
