बरेली। सोमवार को सीडीओ जग प्रवेश ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वह सबसे पहले इमरजेंसी कक्ष पहुंचे। यहां नर्सिंग इंचार्ज से मरीजों की संख्या पूछी तो इंचार्ज ने बताया कि सभी अधिकांश फुल ही रहते हैं। वार्ड के दो बेड पर मॉनिटर नही थे इस पर सिस्टर इंचार्ज ने बताया कि सभी मरीजों को मॉनिटर वाले बेड की आवश्यकता नहीं होती है इसलिए नौ बेड पर ही मॉनिटर है। इसके बाद सीडीओ इमरजेंसी के ऊपर वाली मंजिल पर बने फीमेल मेडिकल वार्ड देखा यहां भी सब ठीक मिला। जब सीडीओ ब्लड बैंक पहुंचे तो यहां मौजूद स्टाफ से सवाल किया कि कितना यूनिट ब्लड अभी उपलब्ध है इस स्टाफ चुप्पी साधे रहा। करीब पांच मिनट बाद रजिस्टर देखने के बाद यूनिट की संख्या बताई जिस पर सीडीओ ने नाराजगी जाहिर की। ब्लड बैंक प्रभारी डा. यूबी सिंह ने बताया कि खपत के सापेक्ष डोनेशन कम होता है। जरूरतमंद मरीजों को बिना डोनर के ही ब्लड देना पड़ता है। सीडीओ ने समाज सेवी संस्थाओं से वार्ताकर डोनेशन बढ़ाने का आश्वासन दिया। सीडीओ पेइंग वार्ड पहुंचे यहां स्टाफ ने बताया कि वार्ड मे 17 बेड हैं। यहां भर्ती होने वाले मरीज से 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। वार्ड में एक बेड पर दो थैलेसीमिया ग्रसित बच्चों को खून चढ़ाया जा रहा था। बच्चे का हाल पूछने पर पिता ने बताया कि हर माह में दो बार बच्चे को ब्लड चढ़ता है। सीडीओ ने पूछा कि कितना खर्च आता है बच्चे के इलाज में तो युवक ने बताया कि इस बीमारी से ग्रसित बच्चों को जिला अस्पताल से नि:शुल्क ब्लड मिलता है जिस कारण कोई खर्च नहीं लगता है। इसके बाद जिला अस्पताल स्थित पोषण पुर्नवास केंद्र यानि एनआरसी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां पर सभी ने ठीक सुविधाएं मिलने की बात कही।।
बरेली से कपिल यादव
