बरेली/अलीगंज, राजपुरकला। आंवला-राजपुर मार्ग पर मंगलवार देर शाम संदिग्ध हालत मे हुई अंकित की मौत का मामला छह दिन बाद भी उलझा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंकित के सिर पर भारी वस्तु से प्रहार की पुष्टि होने के बावजूद पुलिस इसे अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई मौत बता रही है। रविवार देर शाम घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर मिले मृतक अंकित बैग ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है। राजपुर कलां निवासी अंकित का बैग पुलिस को मिला। इसमें उसके कपड़े, मोबाइल का फोल्डर और ड्राइविंग लाइसेंस रखा था, जबकि उसका मोबाइल फोन और रुपये गायब हैं। घटनास्थल से फोरेंसिक टीम साक्ष्य भी जुटा चुकी है। मृतक के परिजनों का कहना है कि अंकित की बाइक में कहीं से कोई क्षति नही हुई है। ऐसे में परिजन पुलिस के हादसे के दावे पर सवाल उठा रहे हैं। अंकित की बहन खुशबू के मुताबिक उसका भाई उड़ीसा मे एक निजी कंपनी में नौकरी करता था और 13 सितंबर को गांव आया था। आरोप है कि 15 सितंबर को गांव के ही दो युवक उसे बुलाकर अपने साथ ले गए और बाद में उसकी हत्या कर दी। परिजनों ने दोनों युवकों पर पुरानी रंजिश में हत्या करने का आरोप लगाते हुए थाना पुलिस से लेकर एसएसपी तक शिकायत की है। परिजन दो बार एसएसपी से मिलकर आए है। घटना के बाद जब परिजन और ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप थाने मे शव रखकर प्रदर्शन किया था तब अफसरों ने आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त करा दिया लेकिन अभी तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। थाना पुलिस की कहानी गलत साबित हो रही है। परिजनों का आरोप है कि नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग के बावजूद छह दिन बीत गए लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप यह भी है कि नामजद किए गए लोगों की ओर से परिजनों को धमकियां दी जा रही है और पुलिस का रवैया आरोपियों को बचाने की ओर है। पोस्टमार्टम मे सिर पर चोट, घटनास्थल से दूरी पर मिला बैग, मोबाइल और रुपये गायब होने तथा बाइक के क्षतिग्रस्त न होने जैसे बिंदुओं को लेकर परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस की जांच फिलहाल अज्ञात वाहन की टक्कर के इर्द-गिर्द ही घूम रही है।।
बरेली से कपिल यादव
