फतेहगंज पश्चिमी, बरेली। साल का अंतिम चंद्र ग्रहण कार्तिक पूर्णिमा यानि आठ नंवबर को लगेगा। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आठ नवंबर को दोपहर बाद 1:32 बजे से शुरू होगा और शाम 7:27 बजे तक इसका प्रभाव रहेगा। सूतक काल सुबह आठ बजकर 10 मिनट से ही शुरु हो जाएगा और शाम 6:19 बजे समाप्त होगा। सूतक काल शुरू होने के बाद मंदिरों मे दर्शन पर रोक रहेगी। चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन बनाना और खाना दोनों ही वर्जित होता है। इस दौरान पूजा भी नही करनी चाहिए। ग्रहण के दौरान सोना भी नहीं चाहिए। वहीं यह चंद्रग्रहण पांच राशियों के लिए बेहद लाभकारी होने वाला है। इसके अलावा खंडग्रास ग्रहण काल के नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा और मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे। सूर्य ग्रहण के ठीक 15 दिन बाद यानी आठ नवंबर को कार्तिक माह की पूर्णिमा पर साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लग रहा। चंद्र ग्रहण तब होता है जब पूर्णिमा की रात को सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक ही रेखा में होते है। पृथ्वी के बीच में रहने से इसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा जो कि भारत के कई हिस्सों में नजर आएगा। भारत में ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्र ग्रहण शाम को 5:09 बजे से शुरू होगा जो शाम 6:19 बजे तक होगा। यह ग्रहण मेष राशि और भरणी नक्षत्र में होगा। भारत के अलावा यह उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, आस्ट्रेलिया, एशिया, उत्तरी प्रशांत महासागर और हिंद महासागर में नजर आएगा। 15 दिनों में दो ग्रहण का प्रभाव शुभ नहीं माना जाता है। ग्रहण के बाद एक महीने तक का समय बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। भारत मे पूर्ण चंद्रग्रहण पूर्वी भाग मे ही दिखाई देगा। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सावधान रहना चाहिए। चंद्र ग्रहण का सूतक काल अशुभ माना जाता है। ग्रहण पांच राशियों मिथुन, सिंह, वृश्चिक, मकर और कुंभ के लिए लाभकारी साबित होगा। चार राशियों मेष, कर्क, तुला, मीन के लिए हानिकारक होगा। वृष, कन्या व धनु राशियों को ग्रहण के मध्यम फल मिलेंगे।।
बरेली से कपिल यादव
