बरेली। शहर के प्रसिद्ध नाथ मंदिर सजकर तैयार है। रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजे इन मंदिरों मे गुरुवार से शिवभक्त बम-बम, हर-हर उद्घोष के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। किला स्थित ऐतिहासिक अलखनाथ मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। यहां सावन में सबसे अधिक संख्या में श्रद्धालु जल चढ़ाने पहुंचते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में दोनों तरफ बैरिकेडिंग की गई है। वनखंडीनाथ, त्रिवटीनाथ और धोपेश्वरनाथ मंदिरों को भी सजाया गया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शुक्रवार से कछला, हरिद्वार और अन्य पवित्र स्थलों के लिए कांवड़ियों के जत्थे रवाना होने शुरू हो जाएंगे। आयुष्मान योग में सावन आज से, बरसेगी महादेव की कृपा बरेली। सावन बृहस्पतिवार से शुरू होगा। यह पूरा महीना भगवान शिव और देवी पार्वती की साधना और जलाभिषेक के लिए समर्पित होता है। पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि इस बार सावन में आयुष्मान योग बन रहा है, जिससे शिव आराधना का फल कई गुना बढ़ जाएगा। भगवान भोलेनाथ की आराधना का यह महापर्व 28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ संपन्न होगा। सावन में ही समुद्र मंथन किया गया था। इससे निकले हलाहल की ज्वाला से ब्रह्मांड को बचाने के लिए भगवान शिव ने उसे अपने कंठ में धारण कर लिया था। विष के ताप को शांत करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया था। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि सावन के पहले दिन श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग, शश महापुरुष राजयोग, हंस राजयोग और गुरु-आदित्य राजयोग बन रहे हैं। रुद्राभिषेक करने वाले भक्तों की शिव मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे, नवग्रह भी शांत होंगे। उन्होंने बताया कि सावन के महीने में की गई शिव भक्ति जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख, शांति और समृद्धि लाती है। भक्तों के जीवन में उन्नति का मार्ग खुलता है।।
बरेली से कपिल यादव
