बरेली- समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। धनराज नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ कॉरपोरेट अधिकारी और खेल प्रशासक हैं, जबकि उनके पिता परिमल नथवानी जून 2026 में झारखंड से BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा पहुंचे हैं।
मेरा सवाल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी से है—
जब उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समाज की इतनी बड़ी आबादी है और पार्टी में वर्षों से मेहनत करने वाले मुस्लिम नेता और कार्यकर्ता मौजूद हैं, तो राज्यसभा के लिए किसी योग्य मुस्लिम चेहरे को मौका क्यों नहीं दिया गया?
क्या सपा की राजनीति में मुस्लिम समाज की हिस्सेदारी सिर्फ वोट तक सीमित है?
और अगर धनराज नथवानी का चयन किसी विशेष राजनीतिक या सामाजिक समीकरण के तहत हुआ है, तो अखिलेश यादव जी को उस फैसले का आधार जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए।
परिमल नथवानी को BJP का समर्थन और अब उनके बेटे धनराज नथवानी को सपा का राज्यसभा टिकट—इन दोनों घटनाओं के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हम किसी व्यक्ति की योग्यता पर सवाल नहीं उठा रहे, सवाल प्रतिनिधित्व और राजनीतिक पारदर्शिता का है।
सवाल पूछना लोकतंत्र है और जवाब मांगना जनता का अधिकार।
