बरेली। मुहर्रम के जुलूस में निगरानी व खुराफातियों पर नियंत्रण के लिए स्थानीय पुलिस ने शुक्रवार को नया प्रयोग किया। प्रत्येक थाने को वाई-फाई वाले पांच-पांच सीसीटीवी कैमरे दिए गए। इनमें चार-चार कैमरे पुलिसकर्मियों ने लाठियों पर लगाए। इन लाठियों को लेकर पुलिसकर्मी साथ चल रहे, ताकि ऊंचाई से प्रत्येक गतिविधि कैद हो सके। पांचवां कैमरा थाने की जीप पर लगाया गया ताकि जुलूस को पीछे से भी कवर किया जा सके। शुक्रवार को शाम से देर रात तक जुलूस निकालकर ताजिये दफनाए गए। एसएसपी अनुराग आर्य ने इनपर निगरानी के लिए सोलर पैनल से चलने वाले सीसीटीवी कैमरों की खरीद कराई थी। जिले के 29 थानों में प्रत्येक को पांच-पांच कैमरे दिए गए थे। सामान्य तौर पर अतिसंवेदनशील मौके या विवाद के दौरान पुलिसकर्मी वीडियो रिकार्डिंग कैमरे या मोबाइल फोन के कैमरों का उपयोग करते हैं। इस बार जुलूस में सीसीटीवी कैमरों का प्रयोग किया गया। उन्हें लाठियों पर लगाकर पंफलेट लगाया ताकि खुराफात की मंशा रखने वालों को दूर से दिख सके कि कैमरे की निगरानी में है। एक-दो स्थान पर छिटपुट विवाद को छोड़कर देर रात तक सभी जुलूस निकल गए। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सभी थानों को वाई-फाई वाले पांच-पांच सीसीटीवी कैमरे दिए गए थे, जिसमें से एक-दो को पुलिस की गाड़ियों पर और बाकी कैमरों को ऊंचे-ऊंचे डंडों पर लगाकर पुलिसकर्मियों को दिए गए ताकि पूरा जुलूस सीसीटीवी में कैद हो सके।।
बरेली से कपिल यादव
