बरेली। पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बुधवार को बदायूं रोड स्थित पटेल बिहार मे नवनिर्मित मानसिक मंदित आश्रय गृह स्कूल का निरीक्षण किया। मानसिक मंदित आश्रय गृह मे बच्चों को प्रवेश दिलाने के दो माह बाद भी पढ़ाई ठीक से शुरू नहीं हुई है। बच्चों के सिलेबस कॉपी किताबें देखने से ऐसा लगा हुआ कि बच्चों को पढ़ने में शिक्षकों द्वारा रुचि नहीं ली जा रही है। इससे बच्चों को सिलेबस का ज्ञान नही है। मंत्री ने नाराजगी जताते हुए बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के निर्देश दिए। मंत्री को स्टाफ ने बताया कि यहां 24 बच्चों का पंजीकरण है। सभी बच्चे स्कूल में मौजूद थे। मंत्री ने बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा के बारे मे पूछा तो बताया कि सभी बच्चों को प्रतिदिन पढ़ाया जाता है। तभी मंत्री ने बच्चों की कापी चेक की। जिसे देखकर वह दंग रह गए। कापी मे सिर्फ 9 सितंबर का काम था। उन्होंने अधिकारी और स्टाफ की फटकार लगाते हुए कहा कि जुलाई में प्रवेश होने के बाद भी अभी तक सिर्फ एक दिन बच्चों को पढ़ाया गया। आउटसोर्स के माध्यम से रखे गए शिक्षकों ने कहा कि बच्चों को अन्य एक्टिविटी सिखाई जा रही थी। इस पर मंत्री ने कहा कि एक्टिविटी छोड़िए। दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दीजिए। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसमें लापरवाही किसी भी हाल मे बर्दाश्त नही की जाएगी। उन्होंने स्टाफ का हाजिरी रजिस्टर तलब करते हुए कहा कि बच्चों की कापी-किताबें देखकर लग रहा है कि उन्हें कोई पढ़ाने भी नही आ रहा है। इस पर स्टाफ ने कहा कि प्रतिदिन आश्रय गृह मे आकर बच्चों को एक्टिविटी सिखाई जाती है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां पर मौजूद स्टाफ से अपना ब्लड प्रेशर चेक कराया। मंत्री ने भोजन की गुणवत्ता को भी परखा। इससे पहले उन्होंने बच्चों को फल वितरित किए। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी चमन सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि 2020 में मानसिक मंदित आश्रय गृह का निर्माण शुरू हुआ था, जिसके निर्माण पर 7 करोड़ 91 लाख रुपये खर्च हुए थे।।
बरेली से कपिल यादव
