बरेली। जंक्शन पर बंदरों का आतंक खत्म करने को रेलवे प्रशासन ने निगम निगम से मदद मांगी है। आये दिन बंदर यात्रियों पर हमला कर रहे है। रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। यात्रियों और रेल कर्मियों को काटकर जख्मी कर देते है। दो दिन पहले महिला स्टेशन मास्टर रुबल और एक युवती पर हमला बोलकर घायल कर दिया। बार-बार घटनाओं को देखते हुए मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखकर बंदर पकड़वाने की मांग की है। 2019 मे जब कोविड के चलते लॉक डाउन रहा तो बंदरों के सामने खाने-पीने की दिक्कत हुई थी। ऐसे में बंदरों के कई झुंड जंक्शन पर पहुंच गए थे। वहां श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का आवागमन था। इसलिए खाने-पीने की वस्तुएं मिलती रही। बंदर फिर यहां से नहीं गए। वर्तमान में करीब 150 से 200 बंदर जंक्शन पर हैं। जो प्लेटफार्मों पर ही रहते हैं। रेल पुलों पर ही बसेरा है। ऐसा कोई दिन नही जाता जिस दिन एक-दो यात्रियों को बंदर काटते न हो। वेंडरों और महिला यात्रियों के हाथों से खाद्य पेय वस्तुएं छीन लेते हैं। बुधवार को जब स्टेशन मास्टर रुबल पर बंदरों ने हमला किया। एक युवती को काटकर जख्मी कर दिया, तब अधिकारी बंदरों को पकड़वाने के लिए जागे। हालांकि जंक्शन से बंदर पकड़वाने के लिए आज से नही रेलवे चार साल से नगर निगम को पत्र लिख रहा है। पत्र का नगर निगम कोई जवाब ही नही देता। स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह का कहना है। सीएचआई की ओर से नगर निगम को पत्र लिखा गया है। जंक्शन पर बंदरों की संख्या काफी बढ़ गई है। आये दिन बंदर हमले कर रहे हैं। नगर निगम को ही बंदर पकड़वाने हैं। हालांकि पहले भी कई पत्र लिखे गए थे। उन पत्रों का निगम ने कोई जबाव ही नही दिया।।
बरेली से कपिल यादव
