राजस्थान/बाड़मेर- ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के लिए त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। खारी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में एक ही परिवार के तिरेपन खातेदारों के बीच वर्षों से लंबित भूमि बंटवारे का मामला आपसी सहमति से सुलझ गया।शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी धौरीमन्ना बद्रीनारायण विश्नोई ने बताया कि भावनगर निवासी अमराराम मेघवाल ने अपनी भूमि खसरा नंबर 22, रकबा 29 हेक्टेयर के बंटवारे के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। मामले में एक ही परिवार के तिरेपन खातेदार शामिल होने के कारण सहमति बनाना बहुत ही चुनौतीपूर्ण था। एसडीएम विश्नोई ने करीब चार घंटे तक सभी खातेदारों से लगातार संवाद और समझाइश की, जिसके बाद सभी आपसी सहमति से भूमि विभाजन के लिए तैयार हो गए।
इसके बाद एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई एवं तहसीलदार धौरीमन्ना पीरसिंह चम्पावत ने अमराराम, डुंगराराम, तेजाराम सहित सभी तिरेपन खातेदारों को बंटवारे के आदेश की प्रतियां सौंपकर प्रकरण का मौके पर ही निस्तारण किया। लाभार्थी अमराराम मेघवाल ने राज्य सरकार की ग्रामीण सेवा शिविर पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। आपसी सहमति से खेतों का बंटवारा होने से अब कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने के साथ-साथ आर्थिक और मानसिक परेशानियों से भी मुक्ति मिलेगी।
इस अवसर पर एसडीएम बद्री नारायण विश्नोई ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों में एक ही छत के नीचे बाईस से अधिक विभागों की नब्बे से ज्यादा जन कल्याण कारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है।शिविर में हल्का पटवारी खारी लालाराम, भू-अभिलेख निरीक्षक रामाकिशन विश्नोई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।
— राजस्थान से राजूचारण
