बरेली। दो संतों को बीमार ऊंट पर अत्याचार करना महंगा पड़ गया। पीएफए ने पुलिस को बुला लिया। पांच घंटा तक हंगामा चला। आखिरकार मेनका गांधी के हस्तक्षेप के बाद दोनों संतों से पुलिस ने ऊंट लेकर पीएफए के सुपुर्द कर दिया। पीएफए की टीम उस ऊंट को लेकर दिल्ली चली गई। अब वहां मेनका गांधी के पशु-पक्षी अस्पताल में उसे रखा जाएगा। वहां उपचार होगा। पीएफए के रेस्क्यू प्रभारी धीरज पाठक और विक्रांत यादव ने बताया, मंगलवार शाम को पांच बजे किसी ने सूचना दी बीसलपुर रोड पर एक ऊंट को दो साधु लेकर जा रहे हैं। ऊंट बीमार है। उसकी नकेल मे पस पड़ गया है। ऊंट चिल्ला रहा है। साधु उसे ठंडों से पीट रहे हैं। टीम पहुंची पुलिस को बुलाया गया। कई नेता भी साधु के पक्ष में बोलने लगे। लेकिन मेनका गांधी ने बरेली में पुलिस के उच्च अधिकारियों से बात की। ऊंट नहीं ले जाने दिया। उसका आईवीआरआई उपचार कराया गया। बुधवार को पुलिस ने उस ऊंट को पीएफए के सुपुर्द कर दिया। बरेली में ऊंट को रखने की कोई जगह नहीं थी। इसलिए ऊंट को मेनका गांधी ने दिल्ली में अपने पशु-पक्षी सेल्टर होम मंगवा लिया। बुधवार शाम को विक्रांत यादव टीम के साथ ऊंट को लेकर दिल्ली रवाना हो गये।।
बरेली से कपिल यादव
