बरेली। जिले के छह कुख्यात तस्करों के बाद अब तस्कर इकरार को सोमवार को ड्रग माफिया घोषित कर दिया। तस्कर इकरार होमगार्ड नबी हसन का दामाद है। होमगार्ड नवी हसन व उसके बेटे वसीम के बाद दामाद इकरार भी स्मैक की खेप के साथ पकड़े गए थे। वर्तमान मे तीनों ही सलाखों के पीछे हैं। अब ड्रग माफिया घोषित होने के बाद तस्कर के पूरे कुनबे की निगरानी होगी। खुफिया एजेंसियों के साथ शासन स्तर से भी सीधे तौर पर माफिया पर नजर रखी जाएगी। थाना फरीदपुर क्षेत्र के गांव पढेरा निवासी तस्कर शहीद खां के पकड़े जाने के बाद होमगार्ड नवी हसन का नाम तस्करी मे सामने आया था। जांच हुई तो पता चला कि सिर्फ नवी हसन ही नही बल्कि उसका भी पूरा कुनबा तस्करी में लिप्त है। होमगार्ड की नौकरी की आड़ मे उसने कुनबे को पूरा संरक्षण दिया। फरीदपुर हाईवे पर उसने करोड़ों की लागत से ढाबा कम आलीशान बैंक्वेट हाल बनवाया। अन्य संपत्तियां अर्जित की। नाम गुप्त रखने के लिए वह सबको अलग-अलग नाम बताता। कोई उसे पप्पू तो कोई नवी के नाम से जानता जबकि उसका असल नाम नवी हसन उर्फ पप्पू था। नवी हसन के बेटे वसीम को स्मैक की खेप के साथ पुलिस ने पकड़ लिया। नवी हसन भी वांछित हो गया। इसके बाद नवी हसन भी पकड़ लिया गया। पता चला कि फरीदपुर के भूरे खां की गौटिया निवासी उसका दामाद इकरार गैग लीडर है। उसे भी वांछित किया गया। एक-एक कर तीनों सलाखों के पीछे पहुंच गए। पार्टनरशिप मे चल रहे नवी हसन के जनता ढाबे पर बुलडोजर चला दिया गया। अब ड्रग माफिया घोषित करने के बाद तस्कर की अन्य संपत्तियां भी खंगाली जा रही है। इससे पहले पढेरा का शहीद खां, उसका भाई सलीम, पार्टनर फैयाज, फतेहगंज पश्चिमी का नन्हें लंगड़ा, रिफाकत व उस्मान ड्रग माफिया घोषित किए जा चुके है।।
बरेली से कपिल यादव
