गहलोत सरकार को फेल करने में लगा चिकित्सा प्रबंधन

बाड़मेर/ राजस्थान- बाड़मेर जिला मुख्यालय ओर जिले में चिकित्सा विभाग की बदहाल व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक जानकारी जागरूक लोगों द्वारा दी गई है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की हठधर्मिता के चलते अशोक गहलोत सरकार को जानबूझकर लूटने वाली सरकार बताया जा रहा है यह एक बार जरूर सोचिएगा।

आज-कल देशभर में दुबई बनने वाले बाड़मेर जिले में अशोक गहलोत सरकार द्वारा समय-समय पर बनने वाली योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले अधिकारियों की जरूरत है, मौजूदा हालात को देखते हुए कोई भी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों नहीं चाहते हैं कि आमजन को राहत कैसे मिलेगी। जिले का चिकित्सा विभाग अशोक गहलोत सरकार द्वारा समय-समय पर उपलब्ध कराई जाने वाली निशुल्क दवाओं सहित सभी जांच-पड़ताल में आमजन को राहत कैसे मिलेगी इस सम्बन्ध में ज्यादा से ज्यादा विचार विमर्श करने की जरूरत है ।अस्पताल परिसर में कार्यालय समय के दौरान सभी चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारी मय ड्रेस कोड और परिचय पत्रों के साथ मौजूद होने चाहिए।

अस्पताल परिसर में चिकित्सा कर्मियों के आवासीय परिसर सहित आसपास मंडराते हुए झोलाछाप, बाहरी लेबोरेट्री के कर्मचारीयों का जमावड़ा ओर अन्य कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति नहीं होने चाहिए संभाग स्तरीय अधिकारियों द्वारा आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मिलने पर लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।

किसी भी मरीज के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल बनाकर उचित इलाज करेंगे और डाक्टरों की घरेलू पर्ची पर अस्पताल में कोई भी आपातकालीन सुविधा नहीं मिलेगी।

अस्पताल परिसर में कोई भी चिकित्सा कर्मियों द्वारा बाहरी दुकानो की दवाइयां नहीं लिखेंगे। राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार दवाइयां मरीजों के लिए लिखेंगे।

अस्पताल परिसर में सरकार द्वारा उपलब्ध आवश्यक मशीनरी को कमीशनखोरी के चलते अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों द्वारा जानबूझकर कमरों में बंद रखा गया है को समय-समय पर मरीजों के लिए उपयोग में लाया जाएगा।

अस्पताल परिसर की आनलाइन पर्ची प्रकिया ओर लेबोरेट्री में पुराने जमाने के कम्प्यूटरों की जगह विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों में मौजूद सरकारी सामग्री का मरीजों के लिए उपयोग करेंगे। ओर कोई भी व्यक्ति लापरवाही बरतने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।

किसी भी मरीज को आपातकालीन सेवाओं में आने पर सम्बंधित चिकित्सा कर्मियों द्वारा सहयोगपूर्ण रवैया अपनाया जाएगा और रैफर करने की आवश्यकता होती है तो फिर नियमानुसार डाक्टरों की कमेटी गठित कर सौहार्दपूर्ण माहौल में समझा बुझाकर रैफर करेंगे।

राज्य सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में नियुक्ति के दौरान अनाधिकृत रूप से अर्जित की गई सम्पत्ती को सरकार द्वारा जब्त कर रासुका लगाएं जाने की जरूरत है।

– राजस्थान से राजूचारण

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