बहेड़ी, बरेली। किसानों की दुर्दशा के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए भाकियू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव ने सरकार पर प्रहार किया। गन्ना समिति परिसर में रविवार को हुई भाकियू (टिकैत) की महापंचायत में किसानों की मांगों को उठाया गया। गन्ना भुगतान न किए जाने का मुद्दा छाया रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव ने कहा सरकार किसान विरोध रवैया अपना रही है। महंगाई के दौर में खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है। खाद, बीज, डीजल, कीटनाशक और मजदूरी के दाम आसमान छू रहे हैं। उपज का सही मूल्य न मिलने से किसान कर्जदार हो गए है। खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। इसकी कालाबाजारी चरम पर है। शासन-प्रशासन को इस पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। विजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि चीनी मिलें करोडों रुपये का मुनाफा कमा रही हैं। चीनी के दाम बढ़ गए हैं लेकिन गन्ने के दाम अभी भी 350-370 रुपये प्रति क्विंटल पर अटके हैं। इससे किसानों की लागत तक नही निकल पा रही है। भाकियू (टिकैत) की मांग है कि गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। वहीं, चीनी मिल ने पिछले पेराई सत्र का भुगतान नहीं किया है। इस कारण कर्जदार किसान अगली फसल की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। भुगतान जल्द कराने की मांग की। महासचिव शीशपाल सिंह, जिलाध्यक्ष सोमवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी जगत सिंह, चौधरी धीर सिंह, तहसील अध्यक्ष राजेश गुप्ता उर्फ खन्ना, यामीन मलिक, राशिद खान, सरदार सरबजीत सिंह, अरमान सैफी आदि मौजूद रहे। संचालन चौधरी मुन्ना सिंह ने किया।।
बरेली से कपिल यादव
