बरेली। कैनविज कंपनी में निवेश के बहाने धोखाधड़ा की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है। अब 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एसएसपी के आदेश पर बारादरी पुलिस ने कन्हैया गुलाटी समेत 13 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस तरह कन्हैया गुलाटी पर करीब 70 से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं। वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी के पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। बारादरी थाना क्षेत्र के बजरंग एंक्लेव-हरुनगला के रहने वाले विनोद कुमार के मुताबिक वर्ष 2024 में कैनविज कंपनी के फाउंडर जगतपाल मौर्य, हरेन्द्र पटेल और सीएमडी कन्हैया गुलाटी से उसकी मुलाकात हुई थी। यह मुलाकात हरेंद्र प्रकाश और ग्राम प्रधान बादाम सिंह के माध्यम से हुई। कंपनी के अधिकारियों ने निवेश का प्लान समझाया। कहा कि एक लाख रुपये लगाने पर 22 महीने तक प्रतिमाह 5 प्रतिशत लाभ मिलेगा। इसके बाद 24 वें महीने में मूलधन वापस करने की बात कही गई। विनोद ने बताया कि शुरू में उसने निवेश करने से मना कर दिया, लेकिन कंपनी से जुड़े लोग लगातार रुपये लगाने की मनुहार करते रहे। आखिर में उसने कंपनी में 5 लाख रुपये निवेश कर दिए। उसकी मां विमला देवी ने 10 लाख और बहन आरती ने 7 लाख रुपये निवेश किए। इस तरह परिवार की ओर से कुल 22 लाख रुपये कंपनी में निवेश किए गए। आरोप है कि कुछ महीनों तक निवेश पर लाभ की रकम आती रही, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया। जब विनोद और उसके परिजनों ने कंपनी के लोगों से संपर्क किया और रकम के साथ लाभ के बारे में जानकारी मांगी तो वे टालमटोल करने लगे। बाद में गाली-गलौज की और धमकी पर उतर आए। उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगे। विनोद कुमार ने एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर बारादरी पुलिस ने जगतपाल मौर्य, हरेन्द्र प्रकाश पटेल, कन्हैया गुलाटी, बादाम सिंह, नरेश पटेल, सोमपाल पटेल, अंशुल मौर्य, हरपाल पटेल, ओमप्रकाश मौर्य, प्रमोद सिंह परिहार, योगेन्द्र गंगवार, यतेन्द्र गंगवार समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।।
बरेली से कपिल यादव
