आस्था का केंद्र: पशुपतिनाथ मंदिर में विकास कार्य तेज, योगी को भेजा रूद्राभिषेक के लिए निमंत्रण

बरेली- महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के सामने मंदिर की विशेषता यह है कि यहां पशुपतिनाथ मंदिर काठमांडू की तर्ज पर बना है।मंदिर परिसर में दक्षिण दिशा में काल भैरव का स्थान और पूर्व दिशा में शनि शिला की प्राण प्रतिष्ठा की गयी है। वर्तमान में विकास कार्यो के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं, जिससे क्षेत्र का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।पशुपतिनाथ मंदिर मे पंचमुखी श्री पशुपतिनाथ शिवलिंग एवं नर्मदेश्वर शिवलिंग तथा मंदिर गर्भगृह के बाहर भाग में 108 शिव लिंग स्थापित है इसी के साथ कैलाश मान सरोवर से आये पत्थरों से कैलाश पर्वत का निर्माण हुआ है तथा पर्वत के चारों ओर 1101 नर्मदेश्वर शिवलिंग स्थापित है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नाथ कॅरिडोर के तहत मंदिर के प्रवेश द्वार का निर्माण उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कराया गया है इसी के साथ शासन द्वारा रामायण वाटिका का निर्माण भी हुआ है।समाचर पत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंदिर कमेटी को ज्ञात हुआ कि रामायण वाटिका का शुभारंभ प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी द्वारा होना सुनिश्चित हुआ है।मंदिर कमेटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को इस दौरान मंदिर के प्रवेश द्वार का उद्घाटन व बाबा पशुपतिनाथ का रूद्राभिषेक करने के लिए पत्र भेजकर आमंत्रित किया है।

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