बरेली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर घरों से लेकर मंदिरों तक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक दिन पहले गुरुवार को बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। लड्डू गोपाल की पोशाक, शृंगार सामग्री, पालना, झांकी के लिए सजावटी सामान और खिलौनों की जमकर बिक्री हुई। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पहले शहर के मंदिर सजकर तैयार हो गए हैं। प्रमुख मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। इस बार भगवान कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में होगा। प्रेमनगर स्थित बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में भजन क्लबिंग का आयोजन किया जाएगा। यहां रात आठ बजे से युवाओं का जुटना शुरू हो जाएगा और रात 12 बजे तक वे राधा-कृष्ण के भजनों पर जमकर झूमेंगे। मंदिर कमेटी के मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों व लाइटों से सजाया गया है। पहली बार भजन क्लबिंग का आयोजन किया जा रहा है। श्री बांके बिहारी मंदिर में 36वें वार्षिकोत्सव, श्री कृष्ण जन्माष्टमी और राधाष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार मंदिर को विशेष और आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा, जिसका मुख्य आकर्षण दिल्ली से बनकर आने वाली बांके बिहारी और राधा रानी की सुंदर पोशाक होगी। बृहस्पतिवार को मंदिरों की लाइटें जलने के बाद लोग देखने पहुंच रहे हैं। इस बार सजावट की मुख्य थीम मटके में माखन लेते ठाकुर बांके बिहारी एवं राधा रानी जी पर फूलों की वर्षा रखी गई है। जिसे देखने के लिए शुक्रवार को भक्त बड़ी संख्या में पहुंचेंगे। मंदिर की रोड को भी दोनों ओर से सजाया गया है। मंदिर के आसपास झूले आदि लगाए गए है। गुरुवार को भी मंदिर को सजाने का काम चलता रहा। हरि मंदिर, रामायण मंदिर में तैयारियां चलती रही। जनपद के प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी को लेकर विशेष सजावट की जा रही है। कहीं गुब्बारों से सजावट होगी तो कहीं फूलबंगला और हरियाली श्रृंगार किया जाएगा। कान्हा के भोग के लिए मंदिरों में लड्डू और अन्य प्रसाद तैयार किए जा रहे हैं। सिविल लाइंस स्थित कन्हैयाजी मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष श्रृंगार किया गया है। मंदिरों में मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद दूध, दही, शहद, बूरा और गंगाजल से अभिषेक किया जाएगा।।
बरेली से कपिल यादव
