- दो स्तरों पर गैप असेस्मेंट किया जायेगा सुनिश्चित
- शनिवार शाम को संध्या चौपाल करने में न बरतें कोताही
- डीडीसी ने समीक्षा बैठक में दिया निर्देश
मुजफ्फरपुर/बिहार- एईएस पर प्रचार प्रसार और चल रहे जागरूकता कार्यक्रम के मद्देनजर डीडीसी आशुतोष द्विवेदी ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रखंड पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की। इस दौरान डीडीसी ने अपना पूरा ध्यान प्रचार प्रसार, चल रही जागरूकता, मरीज प्रबंधन और डॉक्टरों की ड्यूटी पर केंद्रित किया। आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि किसी भी हालत में गोद लिए पंचायत का प्रतिवेदन प्रत्येक सोमवार को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा प्रखंड स्तर बीएलटीएफ बैठक प्रत्येक मंगलवार को करना भी सुनिश्चित किया जाए। प्रचार प्रसार और जागरूकता के संबंध में डीडीसी ने आदेश दिया कि सोमवार से शुरू हुए घर घर हैंडबिल का वितरण लक्षित आबादी तक पहुंचाया जाए। इस दौरान आशा के पास रजिस्टर का होना बेहद आवश्यक होगा। पंजी में हैंडबिल का वितरण पढ़कर सुनाने का हस्ताक्षर गृहस्वामी से अनिवार्य होगा। इसके अलावा हैंडबिल के वितरण के साथ जीरो से 15 साल के बच्चों की सूची एवं उन बच्चों के अभिभावकों के मोबाइल में आशा, एएनएम एवं संबंधित प्रखंड के स्वास्थ्य पदाधिकारियों का नंबर व टैगिंग वाहन चालक का नंबर भी सेव किया जाए।
बैठक के दौरान डीडीसी ने निर्देश दिया कि जल्द से जल्द सभी आशा एवं आंगनबाड़ी को ओआरएस एवं पारासीटामोल टेबलेट व सिरप उपलब्ध कराया जाए। सभी एएनएम और सीएचओ को डीडीसी ने निर्देश दिया कि वे अपने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ससमय उपलब्ध रहें। एईएस के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम व एईएस वार्ड के चिकित्सक पूरी तरह से 24 घंटे तत्पर रहें।
इसके अलावे डीडीसी ने आईसीडीएस को यह निर्देश दिया कि अति कुपोषित बच्चों को जल्द ही एनआरसी में भेजा जाए। बैठक में जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार, भीबीडीसी प्रीतिकेश कुमार, सभी एमओआइसी व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे।
– बिहार से नसीम रब्बानी
