बरेली। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम मे श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रमिक अधिकारों और कार्यस्थल पर सुविधाओं को लेकर आवाज उठाई। अंबेडकर पार्क में शुक्रवार शाम को आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत युवाओं के जोशीले गीतों से हुई। गौतों ने माहौल को ऊर्जा से भर दिया। फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने बेरोजगारी, महंगाई और कार्य के बढ़ते घंटी को लेकर चिंता व्यक्त की और अमिक हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। संचालन कर रहे ललित बौधरी ने शिकागो के शहीदों को याद करते हुए 8 घंटे काम, 3 घंटे सामाजिक जोवन और 3 घंटे विश्राम के सिद्धांत को दोहराया। यूनाइटेड फोरम के अध्यक्ष पीके माहेश्वरी ने निजीकरण की नीतियों की आलोचना करते हुए बैंकों में पर्याप्त भर्ती और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग की। पीयूसीएल बरेली के यशपाल सिंह ने न्यूनतम वेतन कानून के सख्त पालन की जरूरत बताते हुए श्रमिकों में बढ़ते असंतोष का जिक्र किया। पुष्पा गंगवार ने पुरानी पेशन बहाली और टीईटी से जुड़े कानून को समाप्त करने की मांग उठाई। इसके अलावा विभिन्न वक्ताओं ने श्रमिक एकता और अधिकारों की रक्षा के लिए संधर्ष जारी रखने का आह्वान किया। अंत में शिकागो के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मजदूर एकता और अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया। फेडरेशन के अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने श्रमिकों को मजदूर दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राजेंद्र सिंह, विमल कुमार वशिष्ठ, नवनीत शर्मा, हरिशंकर, नवींद्र कुमार, केपी सिंह, राधा रमण मिश्र, राकेश मिश्रा, टीडी भास्कर, कैलाश वाल्मीकि, राकेश बाबू, जीवन सिंह, सर्वेश मौर्य, ओम देव बरतिया, मोहित देवल सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। श्रमिकों के अधिकारों और चुनौतियों पर की चर्चा : रेल कारखाना इज्जतनगर में नॉर्दर्न रेलवे मेस यूनियन (नरमू) ने अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर एक सभा आयोजित की। मजदूरों के अधिकार, उनके ऐतिहासिक संघर्ष और वर्तमान चुनौतियों पर चर्चा की गई। महामंत्री वसंत लाल चतुर्वेदी ने कहा कि विश्व की पहली मनदूर क्राति शिकागो में हुई थी. जिसके बाद कार्य के घंटे निर्धारित करने को लेकर लंवा संघर्ष चला। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में ऑल इंडिया रेलवे मेस फेडरेशन की स्थापना 1924 में हुई और निरंतर संधर्ष के बाद आठ घंटे कार्य का नियम लागू हुआ। आज भी कुछ पूंजीपति 12 घंटे काम लेने का प्रयास करते है लेकिन मजदूरों की एकजुटता से ऐसे प्रयास विफल होते रहे हैं। घंटे काम, 3 घंटे विश्राम और 8 घंटे अन्य आवश्यकताओं के सिद्धांत को उन्होंने मजदूर हित में महत्त्वपूर्ण बताया। वर्कशॉप मंडल मंत्री परवेज अहमद, मंडल अध्यक्ष अनुराग शुक्ला सहित धर्मपाल, ओम प्रकाश, अनिल कुमार, आबिदुद्दीन, गोविंद, बाबूलाल, नाजिश खान सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे। वही राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) की और से मजदूर दिवस भमोरा स्थित अंबेडकर पार्क में मनाया गया। इंटक के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष सतीश मेहता ने कहा कि 1 मई केवल तारीख नही बल्कि मजदूरी के संघर्ष और आत्मसम्मान का प्रतीक है। आठ घंटे कार्य दिवस का अधिकार 1886 के संघर्षों और बलिदानों का परिणाम है। वही मजदूर दिवस पर छावनी परिषद की तरफ से सफाई मित्री का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम छावनी परिषद की सीईओ डॉ. तनु जैन के मार्गदर्शन में कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों को प्रशस्ति पत्र पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस से पूर्व इंकलाबी मजदूर कैट के शहर सचिव ध्यानचंद मौर्य और लाल जी कुशवाहा को 30 अप्रैल शाम परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र मे पर्चा वितरण और जुलूस में शामिल होने के दौरान हिरासत मे ले लिया गया। दोनों को करीब पांच घंटे सीबीगंज थाने में रखने के बाद देर रात हाउस अरेस्ट किया गया। संगठन ने कार्रवाई को मजदूर आंदोलनों की दवाने की कोशिश बताया।।
बरेली से कपिल यादव
