अग्निवीर मे री-मेडिकल मे पास कराने के नाम पर ठगी करने वाला दबोचा, मोबाइल मे मिली जानकारियां

बरेली। जनपद के थाना कैंट पुलिस ने मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर अग्निवीर जनरल ड्यूटी के मेडिकल में फेल अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले फर्जी सैन्य कर्मी राजेश तिवारी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से कई अभ्यर्थियों की डिटेल मिली है। मोबाइल में भी लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। आरोपी के पास आर्मी कैंटीन का एक फर्जी कार्ड, फर्जी मुहर, मोबाइल, एक रजिस्टर भी बरामद हुआ है। आरोपी राजेश तिवारी लखनऊ में कृष्ण विहार कालोनी आईआईएम रोड मुबारकपुर सैरपुर उत्तरी लखनऊ का रहने वाला है जबकि उसका साथी गजेंद्र सिंह फरार है। राजेश खुद को सेना का सेवानिवृत्त हवलदार बताकर अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाता था। कैंट पुलिस को आर्मी इंटेलीजेंस द्वारा सूचना दी गई तो एक व्यक्ति खुद सेना से सेवानिवृत्त हवलदार बताकर अग्निवीर के मेडिकल में फेल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने जाल में री-मेडिकल कराने का भरोसा दिलाकर ठगी करता है। कई अभ्यर्थियों से पैसे लिये जाते हैं। आर्मी अस्पताल के आसपास भी उसे देखा जा चुकी है। सूचना पर मंगलवार शाम को पुलिस ने आरोपी राजेश तिवारी को कैंट क्षेत्र से दबोच लिया। उसके बाद एक रजिस्टर मिला। जिसमें आठ अभ्यर्थियों के नाम पता और मेडिकल में फेल होने का कारण लिखा था। उसके पास आर्मी कैंटीन का एक कार्ड भी मिला। जो जांच में फर्जी पाया गया। मोबाइल पर व्हाट्सएप चेटिंग चेक की गई तो अंकित नाम के व्यक्ति से 40 हजार रुपये लेकर पास कराने के साक्ष्य मिले। 25 से 50 रुपये लेता था। कैंट थाने के एसआई राजीव पटेल, कांस्टेबल संदीप राणा और रोहित ने आरोपी राजेश तिवारी से पूछताछ की तो उसे सच्चाई कबूल ली। बोला-वह कभी जबलपुर में आर्मी भर्ती एकेडमी चलता था। पिता भी सेना थे। लेकिन बाद में एकेडमी बंद हो गई तो वह अग्निवीर के मेडिकल में फेलियर अभ्यर्थी को निशाना बनाने लगा। अग्निवीर जीडी के री-मेडिकल में फेल अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर रुपये ठगी करने लगा। उसके पास मुहर आदि भी बैग में पाई गई। उसका एक साथी गजेंद्र सिंह से भी उसके साथ यही काम करता है। पूछताछ में आरोपी राजेश तिवारी ने बताया कि सेना की पुरानी भर्ती व्यवस्था को बंद कर दिया गया। अग्निवीर की भर्ती की जाने लगी। जिससे उसका काम भी प्रभावित हो गया। तभी उसने अपना कथित तौर पर सेना का फर्जी कैंटीन पहचान पत्र बना लिया। खुद को सेवानिवृत्त हवलदार बताकर अग्निवीर मेडिकल में फेल अभ्यर्थियों को री-मेडिकल में पास कराने का भरोसा दिलाकर ठगी करने लगा। राजेश के पास से अभ्यर्थियों का भरोसा जीतने को फर्जी दस्तावेज, कूटरचित कॉल लेटर और रेफरल लेटर भी कुछ बरामद हुए है। आरोपी राजेश तिवारी पास से पुलिस को मोबाइल मिला है। मोबाइल की जांच में पुलिस को कई अभ्यर्थियों के रेफरल लेटर, बैंक खाते की हिस्ट्री और वांछित गजेंद्र सिंह के नाम से व्हाट्सएप चैट मिली। जांच में सामने आया कि 21 अगस्त को दोपहर 2:44 बजे अंकित सिंह चौहान नाम के अभ्यर्थी की यूपीआई आइडी से 40 हजार रुपये का लेनदेन हुआ। अंकित का नाम आरोपित के पास मिले रजिस्टर में भी दर्ज पाया गया है। पुलिस ने गजेंद्र के साथ हुई व्हाट्सएप पर बातचीत के स्क्रीनशॉट साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किए हैं। चैट में अभ्यर्थियों के रेफरल फार्म भेजने और रुपये के लेनदेन से संबंधित बातचीत मिलने की बात की भी पुष्टि हुई है।।

बरेली से कपिल यादव

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