बरेली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पंडित राधेश्याम कथावाचक स्मृति भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पशुधन एवं दुग्ध विकास धर्मपाल सिंह ने ध्वजारोहण किया। पशुधन मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस बहुत महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने 1947 से पूर्व के भारत और उसके बाद के भारत के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जब देश के लिए लड़ाई लड़ रहे थे तो उन्होंने अपनी और अपने परिवार की चिंता नहीं की थी। देश की आजादी का 80 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, हमें इस आजादी की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। उन्होंने अशफाक उल्ला खां का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह छात्र थे उस समय उन्होंने आजादी के कार्यों में प्रतिभाग करना शुरू किया तो स्कूल से उनका नाम काट दिया गया और परिवार को भी परेशान किया गया फिर वह आंदोलनकारियों के पास चले गये और बाद में अंग्रेजों ने उन्हें फांसी की सजा दी गयी तो उनसे अंतिम इच्छा पूछी गई तो उन्होंने अपने माता-पिता से मिलने की इच्छा जतायी और अपने माता-पिता से कहा कि माँ तुम कहती थी शादी कर लो और आज मैं इस फांसी के फंदे से शादी कर रहा हूँ। उन्होंने कहा कि आज आप अमर्यादित भाषा का प्रयोग न करने का संकल्प लें और शिक्षक चरित्र के निर्माण की दिशा में कार्य करे।।
बरेली से कपिल यादव
