बरेली। समलैंगिक विवाह को मान्यता देने वाली याचिकाओं पर इन दिनों सुप्रीम कोर्ट मे सुनवाई चल रही है। वही समलैंगिक विवाह को लेकर देश भर मे विरोध हो रहा है। इस क्रम मे बरेली में विज्ञान जन कल्याण समिति की महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की मांग का विरोध जताया। इसके साथ ही जिलाधिकारी को राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि समलैंगिक विवाह को मान्यता देना भारत की भावी पीढ़ियों की उन्नति और विकास के लिए घातक सिद्ध होगा। समलैंगिक विवाह की मांग पश्चिमी सभ्यता और विचारों से प्रेरित है जो भारत की सांस्कृतिक जड़ों को कमजोर करने की साजिश है। महिलाओं ने कहा कि प्राकृति ने जो व्यवस्था की है हम उससे छेड़छाड़ नही कर सकते और जब जब प्रकृती से छेड़छाड़ की गई है। हमें उसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। इसलिए समलैंगिक विवाह को मान्यता नही मिलनी चाहिए।।
बरेली से कपिल यादव
