दो वर्षीय बेटे और पांच माह की अबोध बेटी की निर्दयता से हत्या की दोषी मां को आजीवन कैद

बरेली। दो वर्षीय बेटे और पांच माह की अबोध बेटी की निर्दयता से हत्या करने के मामले मे न्यायाधीश तबरेज अहमद की कोर्ट ने मां को सश्रम आजीवन कैद की सजा सुनायी। कोर्ट ने महिला पर दस हजार का जुर्माना भी ठोका है। एडीजीसी क्राइम सचिन जायसवाल ने बताया कि थाना भुता मे बंटू ने 12 नवंबर 2021 को एफआईआर दर्ज करायी थी। साढ़े छह वर्ष पूर्व वह झारखंड के जिला हजारीबाग के विष्णुपुर की जयंती से शादी की थी। शादी के बाद बेटी सुनीता पांच वर्ष, ममता साढ़े तीन वर्ष, बेटा बालकृष्ण दो वर्ष और बेटी कोमल पांच वर्ष का जन्म हुआ। जयंती बहुत उग्र स्वभाव की थी। वह आए दिन बच्चों की बेवजह पिटाई लगाती रहती थी। तभी बड़ी बेटी सुनीता अपनी सगी बुआ के साथ चली गयी थी। 11 नवंबर 2021 की रात आठ बजे जयंती अपने पति बंटू के ऊपर बांके से हमला कर दिया। वह बचकर बेटी ममता के साथ दूसरे घर मे जाकर सो गया था। बेटा बालकृष्ण और बेटी कोमल जयंती के पास रह गए। सुबह जब दरवाजा नही खुला तो गांव वाले इकट्ठे हुए। दरवाजा खोला गया तो चारपाई पर बालकृष्ण और कोमल मृत अवस्था मे थे। जयंती ने कहा कि उसने काली मां के कहने पर बच्चों को गला दबाकर मारा है। पुलिस ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ चार्ज शीट पेश की थी। गिरफ्तारी के बाद उसे जमानत भी नही मिली थी। दोष साबित करने को एडीजीसी क्राइम सचिन जायसवाल ने महिला के पति बंटू, सास प्रेमवती, पड़ोसन मीना देवी समेत आठ गवाह पेश किये थे।।

बरेली से कपिल यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *