* जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने जताया आभार, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना बोले- जल्द मिले पत्रकारों को राहत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र में मंगलवार को पत्रकारों की पेंशन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रतापगढ़ जनपद के रामपुर खास की विधायक एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा “मोना” ने सदन में वयोवृद्ध पत्रकारों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाते हुए सरकार से तत्काल पेंशन योजना लागू करने की मांग की।
विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि पत्रकार समाज का वह वर्ग है जो पूरे समाज को जागरूक करने का कार्य करता है, लेकिन आज अनेक बुजुर्ग पत्रकार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूर्व में पत्रकारों से पेंशन के लिए दस्तावेज भी मांगे गए थे, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने सदन में कहा कि देश के कई राज्यों में पत्रकारों को पेंशन दी जा रही है। बिहार में 15 हजार रुपये, हरियाणा में 10 हजार रुपये, तमिलनाडु में 15 हजार रुपये, गोवा में 7500 रुपये, असम में 8 हजार रुपये, त्रिपुरा में 10 हजार रुपये, उत्तराखंड में 8 हजार रुपये तथा पुडुचेरी में 6 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि पत्रकारों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द पेंशन योजना लागू की जाए।
जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने जताया आभार
विधायक आराधना मिश्रा “मोना” द्वारा सदन में पत्रकारों की पीड़ा उठाए जाने पर जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. अनुराग सक्सेना ने आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को सदन में उठाना सराहनीय कदम है। संगठन को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए उत्तर प्रदेश के पत्रकारों को पेंशन का लाभ उपलब्ध कराएगी।
सदन में गूंजा पत्रकारों की पेंशन का मुद्दा: विधायक आराधना मिश्रा ने की तत्काल पेंशन लागू करने की मांग
