भमोरा, बरेली। बल्लिया-नौरंगपुर रोड के समीप बने ओवरहेड टैंक पर भतीजे की जगह चौकीदारी करने गए बुजुर्ग की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। पुलिस शराब पीने से रोकने को लेकर और संपत्ति विवाद में हत्या करने की आशंका जता रही है। अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। डप्टा श्यामपुर निवासी आशुतोष दीक्षित गांव के बाहर बल्लिया-नौरंगपुर मार्ग पर स्थित ओवरहेड टैंक पर चौकीदार हैं। रविवार रात बुखार होने के कारण आशुतोष ने अपने चाचा 58 वर्षीय बलराम दीक्षित को टंकी पर चौकीदारी करने भेजा था। सोमवार सुबह लोगों ने टंकी परिसर के गेट पर बलराम का खून से लथपथ शव पड़ा देखा। गला काटकर उनकी हत्या की गई थी। इसी बीच आशुतोष टंकी के पास स्थित देवस्थान पर प्रसाद चढ़ाने गए, तो बल्लिया के विक्की ने उन्हें चाचा की हत्या की जानकारी दी। कुछ ही देर में उनके परिवार के लोग और ग्रामीण वहां जमा हो गए। सूचना पर थानाध्यक्ष कुशल पाल सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस की जानकारी में आया कि रविवार रात नौरंगपुर गांव के दो व्यक्ति टंकी पर आए थे और वहां शराब पी, जिसको लेकर बलराम से उनकी कहासुनी हुई थी। वहीं, संपत्ति के विवाद या लालच को लेकर भी बलराम की हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस घटना के खुलासे के लिए दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। नौरंगपुर के एक व्यक्ति को भी पुलिस ने हिरासत में लिया, जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का डॉगी घटनास्थल को सूंघने के बाद करीब दो किमी दूरी स्थित शराब की दुकान तक पहुंचा। इसपर भी पुलिस जांच कर रही है। हालांकि परिजन का कहना है कि बलराम शराब नहीं पीते थे। संभव है कि वारदात के बाद हत्यारे वहां तक गए हों। बलराम पर किसी भारी एवं धारदार हथियार से कनपटी के नीचे बायीं ओर से किया गया है, जो जबड़े तक पहुंचा है। इससे उनका जबड़ा भी टूट गया है। आशंका जताई जा रही है कि बलराम पर जब प्रहार किया गया तो वह खड़े हुए थे। बुजुर्ग बलराम दीक्षित की हत्या के मामले में पुलिस दो बिंदुओं पर जांच कर रही है। इसमें टंकी परिसर में दो व्यक्तियों को शराब पीने से रोकने पर हुआ विवाद और उनकी खुद की संपत्ति को लेकर विवाद है। पुलिस के मुताबिक बलराम दीक्षित चार भाइयों में दो से छोटे थे, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। अविवाहित होने के चलते बलराम बड़े भाई कांता प्रसाद के साथ रहते थे। बलराम के पास करीब 12 बीघा जमीन थी, जिसमें से अपने हिस्से की पांच बीघा जमीन भी उन्होंने कांता को दे दी थी। पुलिस को पता चला है कि जमीन को लेकर एक भाई से उनका केस भी चल रहा है। इस भाई का एक बेटा भी बलराम की अंत्येष्टि में नहीं पहुंचा। वहीं, गांव में चर्चा है कि बलराम रविवार रात करीब 11 बजे टंकी के पास देवस्थान के पुजारी से माचिस लेने गए थे। वहां वह कह रहे थे कि नौरंगपुर के दो लोग टंकी में उनकी चारपाई के पास बैठकर जबरन शराब पी रहे हैं। मना करने पर झगड़ा किया। पुलिस जांच कर रही है और इनमें से एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मगर वह नशेड़ी है, जिसके चलते अब तक खास जानकारी नहीं मिल सकी है।।
— बरेली से कपिल यादव
