बरेली। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य मे ठेका लेने वाली एजेंसी की लापरवाही और लेटलतीफी से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बारिश के बीच ठेकेदार अनमोल एसोसिएट ने कुष्ठ आश्रम रोड को अचानक बंद कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इससे स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबे वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। नोटिस और जुर्माना लगने की कार्रवाई का भी असर ठेकेदार पर नहीं दिखाई जा रहा है। 56 करोड़ की सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण का काम जुलाई में पूरा किया जाना था, लेकिन अगस्त खत्म होने को है और अभी भी काम अधूरा है। शासन की नाराजगी के बाद अब निर्माण की समयसीमा बढ़ाकर सितंबर कर दी गई है। इससे पहले से ही उखड़े फुटपाथ और जगह-जगह बिखरी निर्माण सामग्री के कारण परेशान लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। बुधवार को सड़क बंद किए जाने के बाद लोगों में गुस्सा नजर आया। ठेकेदार की मनमानी से लोग परेशान है। उधर, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि सीएम ग्रिड योजना के काम की पूरी तरह मॉनीटरिंग की जा रही है। इस बार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ग्रिड योजना के काम में ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण की गति और यातायात व्यवस्था की चिंता किए बिना काम किया जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि ठेकेदार को समय पर भुगतान की चिंता है, लेकिन जनता को होने वाली परेशानी से कोई सरोकार नही है। अधिकारी चेताते रहे, ठेकेदार की मनमानी जारी : सीएम ग्रिड के काम में लेटलतीफी को लेकर अधिकारी लगातार ठेकेदार को चेताते रहे, लेकिन काम की रफ्तार में कोई खास सुधार नहीं हुआ। कांवड़ यात्रा से पहले और अब तक काम में तेजी लाने को कहा गया लेकिन मनमानी कम नहीं हुई। शासन की सख्ती के बाद ठेकेदार ने आनन-फानन में बारिश के बीच ही कुष्ठ आश्रम रोड को बंद कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। सवाल यह है कि जब समय पर काम पूरा करने के निर्देश पहले से दिए जा रहे थे तो निर्माण के लिए बारिश के मौसम का इंतज़ार क्यों किया गया? ठेकेदार की इस मनमानी से अब आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है।।
बरेली से कपिल यादव
