राजस्थान/बाड़मेर- पूरे प्रदेश में बढते महिला अपराधों पर आगे बात करेंगे लेकिन इस वक्त बाड़मेर जिले में निरन्तर बढ़ते अपराध के ग्राफ को देखना होगा। पिछले दिनों रिको एरिया पुलिस थाने में एक बाहरी जिले की महिला की हत्या और चौहटन पुलिस तो उससे भी दो कदम आगे निकल गईं। एक प्रकरण में पूरे परिवार की बेवजह धुलाई कर डाली। महिला , युवती और नाबालिग बच्चे को पुलिसिया पट्टे से मारना शायद इसलिए ही हमारी बाड़मेर पुलिस को तनख्वाह मिलती होगी । ये वो ही सोशलमीडिया पर आजकल चर्चित पुलिस थाना चौहटन है जहां के बड़े साहब ने कुछ दिन पहले अपने वाहन सार्थी पुलिसकर्मी को ही चांटा लगा दिया था। अब रहीं सही कसर थानाधिकारी साहब ने अपनी वर्दी की गर्मी एक अल्पसंख्यक जैन परिवार को दिखा दी।
आज लोगों की भारी भीड़ ने कलेक्ट्रेट परिसर में अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहाँ की इस विधानसभा क्षेत्र से लोगों ने इसलिए कमल नहीं खिलाया था कि आप यहां की जनता को पुलिस के हवाले करके उनकी पट्टे से पिटाई कर अस्पताल के हवाले कर दो लेकिन नजदीकी सरकारी डाक्टर भी लाचार नज़र आ रहें हैं आजकल चौहटन थानाधिकारी राजू राम एवं अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा एक अल्पसंख्यक जैन परिवार के साथ की गई बर्बरता को लेकर आज जैन समाज के सैकड़ों लोगों ने बाड़मेर जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण मौन पैदल मार्च निकाला।
घटना के अनुसार बारह सितम्बर को जब पीड़ित परिवार ने अपने मकान पर हो रहे अवैध निर्माण का विरोध किया, तो पड़ोसियों ने उनके साथ मारपीट की। बाद में पीड़ित परिवार ने चौहटन थाने में शिकायत दर्ज करवाने गए , लेकिन वहाँ थानाधिकारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने महिलाओं, लड़की और और नाबालिग लड़के को लाठियों व बेल्ट से पीटा, गालियाँ दीं और थाने में ही घंटों बंधक बनाकर रखा। इस घटना से पूरे जिले में पुलिस के खिलाफ आक्रोश फैल गया है। आज निकाले गए मौन जुलूस में बड़ी संख्या में महिलाएँ, पुरुष और युवा शामिल हुए। जुलूस कलेक्ट्रेट पहुँचा और जयपुर से बाड़मेर दौरे पर आए पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और कलेक्टर श्रीमती टीना डाबी को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में प्रमुख माँग- दोषी थानाधिकारी व सम्बंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित/बर्खास्त किया जाए।
पीड़ित परिवार को सुरक्षा व न्याय दिलाया जाए।महिलाओं और बच्चों के साथ हुई बर्बरता की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो।जनआंदोलन में शामिल लोगों ने स्पष्ट कहा कि अगर आज पुलिस अत्याचार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कल आमजन अपराधियों से ज्यादा बाड़मेर जिले में सुरक्षित नहीं रहेगा।” यह ऐतिहासिक मौन मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, जिसमें सैकड़ों की संख्या में जैन अल्पसंख्यक समुदाय के लोग न्याय की माँग को लेकर एकजुट दिखाई दिए।
– राजस्थान से राजूचारण
