बरेली। साइबर अपराध में इस्तेमाल के लिए फर्जी पते पर बैंक खाते खुलवाकर उनकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम उपलब्ध कराने वाले दिल्ली के दो एजेंट को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा है। आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल, चार सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों की 27 पासबुक व चेकबुक, 12 एटीएम कार्ड और आधार व पैन कार्ड का पता बदली हुई प्रतियां बरामद हुई है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिल्ली के नेहरू नगर, आनंद पर्वत निवासी विशाल और पंजाबी बस्ती, बलजीत नगर निवासी सचिन गुप्ता के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने अपने आधार कार्ड में दिल्ली का पता बदलकर इज्जतनगर की सैनिक कॉलोनी का पता कराया था। इसके बाद इसी पते पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए और उनसे संबंधित बैंकिंग किट व सिम साइबर अपराध में शामिल लोगों को उपलब्ध कराए। जांच में आरोपियों के मोबाइल से संदिग्ध वाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। समन्वय पोर्टल पर खातों और मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान एक खाते से राजस्थान के हनुमानगढ़ थाने की साइबर शिकायत भी मिली। पुलिस को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेनदेन में किया गया। मामले में नाइजीरियाई व्यक्ति से संपर्क भी सामने आया है, जिसको लेकर जांच की जा रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों में विशाल कक्षा 10 तक पढ़ा है और दिल्ली में रैपिडो चलाता है। सचिन कक्षा 12 पास है और स्विगी में काम करता है। मगर जल्दी अमीर होने के चक्कर में दोनों ट्रेन मे शोएब के झांसे मे आकर साइबर ठग गिरोह के सदस्य बन गए। उनकी गिरफ्तारी करने वाली टीमें इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय, एसआई गुरमीत तोमर, सौरव तोमर, हेड कांस्टेबल विशालीश कुमार और हरेंद्र कुमार शामिल रहे।।
बरेली से कपिल यादव
