बरेली। अतिक्रमण, अवैध कब्जों के सिकुड़कर नाले की शक्ल ले चुकी किला नदी बारिश में थोड़ी सी क्या उफनाई कई कालोनी और मोहल्ले पानी पानी नजर आए। नदी का जल स्तर घटने से लोगों ने राहत की सांस जरूरी ली है मगर मुश्किलें पूरी तरह खत्म नही हुई है। वन मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को नगरायुक्त संजीव कुमार मौर्य के साथ नदी पानी घुसने से संकट में आई कॉलोनीओ का दौरा किया। पानी में चलकर मंत्री अपनी पूरी टीम के साथ केसर वाटिका, लाजपतनगर और त्रिवेणी कॉलोनी पहुंचे और लोगों से संवाद कर परेशानियां जानी और अफसरों को प्रभावित इलाकों में लगातार सफाई, फॉगिंग और जल निकासी के इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जलमग्न इलाकों में पहुंचे वन मंत्री को स्थानीय लोगों ने बताया कि केसर वाटिका मे सुबह से पानी कम होना शुरू हो गया। शाम तक स्थिति काफी सुधर गई तो परिवार घरों में लौट लिए। हालांकि लाजपतनगर और त्रिवेणी कॉलोनी की गलियों में अब भी एक से डेढ़ फीट तक जलभराव है। मंत्री ने मौके पर मौजूद अफसरों से कहा कि जनता की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन और नगर निगम की टीमों को पूरी तत्परता से कार्य करने तथा प्रभावित इलाकों में निरंतर निगरानी रखने को कहा कि, ताकि वर्षा के बाद संक्रामक बीमारियां न फैलें। नगर आयुक्त ने बताया कि किला नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। शनिवार शाम तक सभी प्रभावित कॉलोनियों में हालात पूरी तरह सामान्य हो जाएंगे। जेसीबी मशीन से जलकुंभी हटवाने का व्यापक असर जल निकासी पर पड़ा है। पानी निकालने के लिए पंप सेटों के साथ पांच बड़े टैंकर दिन-रात पानी खींचकर दूसरी जगह फेंकने में जुटे हैं। वन मंत्री ने किला छावनी क्षेत्र में भी जल निकासी का जायजा लिया। वरिष्ठ भाजपा नेता एड. अनिल कुमार सक्सेना, पार्षद रंजीत सिंह, शानू काजमी अधिकारियों में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, जलकल के जीएम मनोज कुमार साथ मौजूद रहे। किला नदी में जमा विशाल जलकुंभी को हटाने के लिए नगर निगम ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त संजीव कुमार ने बताया कि शुक्रवार से नदी से जलकुंभी निकालने का काम तेजी से जारी है और जब तक पूरी नदी साफ नहीं हो जाती, यह अभियान लगातार चलेगा।।
बरेली से कपिल यादव
