बरेली। सीएम ग्रिड योजना के दूसरे चरण के तहत कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से कुदेशिया रोड तक सड़क का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। इसके लिए सोमवार को नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। सुबह तीन बुलडोजर, पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने पहले से लगाए गए लाल निशानों के आधार पर सात से 17 फुट तक के अवैध कब्जों को ढहा दिया। जीआरएम स्कूल की दीवार तोड़ने के बाद विरोध की सुगबुगाहट शुरू हुई तो टीम लौट गई। जीआरएम स्कूल (सीनियर) के डायरेक्टर राजेश जौली ने कहा कि बार-बार पैमाइश की रिपोर्ट मांगने के बावजूद कोई स्पष्ट माप उपलब्ध नहीं कराई गई। कभी 15 तो कभी 10 फुट अतिक्रमण बताया गया। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर छुट्टियों में मार्किंग कर कार्रवाई का अनुरोध किया गया था, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना और नपाई रिपोर्ट के सीधे दीवार तोड़ दी गई। यह पूरी तरह अनुचित है। बुलडोजर ने कब्जों को ढहाना शुरू किया तो दुकानदारों और मकान मालिकों में अफरा-तफरी मच गई। नुकसान से बचने के लिए कई लोग खुद ही अपने आशियाने और दुकानें तोड़ने लगे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क के दोनों ओर अलग-अलग पैमाने (एक तरफ 10 और दूसरी तरफ 17.6 फुट) से निशान लगाकर भेदभावपूर्ण कार्रवाई की जा रही है। लोगों का दावा है कि यहां के अधिकतर निर्माण वर्ष 1987 से पहले के हैं, इसलिए बिना स्पष्ट सर्वे के ऐसी कार्रवाई गलत है। नगर निगम के सहायक अभियंता मुकेश शाक्य ने बताया कि नपाई के बाद ही लाल निशान लगाए गए थे और प्रभावितों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके थे। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। जैसे ही नगर निगम के बुलडोजर ने जीआरएम स्कूल (सीनियर) की दीवार को ढहाया, मलबे से वर्ष 1960 अंकित ईंटें बाहर निकल आई। इसे देखकर स्थानीय लोग और पुराने दुकानदार भावुक हो गए। लोगों ने बताया कि यह बाउंड्रीवॉल करीब 66 साल पुरानी है। इसी परिसर में हर साल होली मिलन समारोह भी आयोजित होता है। जीआरएम स्कूल (सीनियर) के डायरेक्टर राजेश जौली ने कहा कि नगर निगम की इस कार्रवाई से बच्चों के लिए खतरा पैदा हो गया है। उनकी सुरक्षा के मद्देनजर मंगलवार व बुधवार को स्कूल बंद रहेगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि कोहाड़ापीर रोड पर सीएम ग्रिड योजना के तहत काम शुरू हो गया है। स्कूल को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन अतिक्रमण को नहीं हटाया गया। इसके बाद दीवार को ध्वस्त कराया गया है।।
बरेली से कपिल यादव
