बरेली। कोहाड़ापीर सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने के नगर निगम के नोटिस पर लाल निशान के बजाय विराम लग गया है। सोमवार को वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार के कार्यालय पर व्यापारियों की अहम बैठक हुई। जिसमें वनमंत्री ने साफ किया कि व्यापारियों को विश्वास मे लिए बिना कोई कार्रवाई नही की जाएगी। मंत्री ने निगम के अधिकारियों को तलब कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। कहा कि जब तक सभी पक्षों की संयुक्त बैठक नही हो जाती। तब तक कोई ध्वस्तीकरण नही होगा। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री सुदेश अग्रवाल ने कहा कि यह सड़क पीडब्ल्यूडी की है तो नगर निगम उस पर कैसे कार्य कर रहा है। यदि सड़क का हस्तांतरण हुआ है तो उसके प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं। व्यापारियों ने मांग की कि पीडब्ल्यूडी के नक्शे के अनुरूप सड़क की चौड़ाई की नपत कराई जाए और जो लोग सड़क की सीमा में आ रहे है। उन्हें पर्याप्त समय दिया जाए। साथ ही प्रस्तावित सड़क का रोडमैप, कार्य योजना और कार्यदायी संस्था की जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की। व्यापारियों ने यह भी कहा कि कोहाड़ापीर से धर्मकांटा तक चल रहे निर्माण कार्य को पहले पूरा किया जाए। इसके बाद ही नैनीताल रोड पर काम शुरू किया जाए। उनका कहना है कि यदि दोनों सड़कों पर एक साथ काम शुरू हुआ तो यातायात प्रभावित होगा और व्यापार पर भी बुरा असर पड़ेगा। इस दौरान तय हुआ कि व्यापारियों और नगर निगम के अधिकारियों के बीच बैठक कराई जाएगी। इसके बाद एक बड़ी बैठक होगी। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाए। उन्होंने भरोसा दिया कि तब तक कोई कार्रवाई नही की जाएगी और जिनको नोटिस मिला है। वे उसका जवाब दे सकते है। बैठक में सतीश रोहतगी, अरविंद अग्रवाल, भाबेश अग्रवाल, तनुज, सनी, प्रवीण और राजन सहित कई व्यापारी मौजूद रहे। वही कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप के पास कथित अतिक्रमण को हटाने की तैयारी तेज हो गई है। मामले की शिकायत कमिश्नर तक पहुंचने के बाद नगर निगम ने टीम को पैमाइश के निर्देश दिए है। इस स्थान पर एक संगठन ने स्तंभ स्थापित किया था। जिसे लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। अब नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर सीमांकन और पैमाइश करेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।।
बरेली से कपिल यादव
