नोकझोंक के बीच जिला अस्पताल में 2400 मरीजों का इलाज

बरेली। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को खुली जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की कतार रही। पर्चा, दवा काउंटर पर नोकझोंक के बीच 2,600 मरीजों को डॉक्टरों ने देखा। सोमवार को नवागत मनोचिकित्सक और नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ ने भी चार्ज संभाल लिया और मरीज देखे। सोमवार सुबह पर्चा काउंटर खुलने से पहले ही मरीजों की कतार लग गई थी। दोपहर दो बजे तक करीब 1700 नए पर्चे बने। 600 से अधिक मरीज पुराना पर्चा लेकर दवा और परामर्श के लिए पहुंचे थे। पुराने मरीजों में एचआईवी पीड़ित, मनोरोगी, आर्थो, दांत और क्षय रोग से संबंधित अधिक रहे। रायबरेली से तबादले के बाद जिला अस्पताल स्थित मनकक्ष में तैनात मनोचिकित्सक डॉ. तरुण मिश्रा ने बताया कि करीब 50 मानसिक रोग के मरीजों को देखा। इसमें ज्यादातर सिर में दर्द, चक्कर आने और कई पुराने मरीज भी रहे। जो परामर्श और दवा लेने के लिए पहुंचे थे। वही नवागत ईएनटी डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि ओपीडी में ज्यादातर कान में दर्द, गले में खराश की शिकायत लेकर लोग पहुंचे। दवा के साथ मौसम में बदलाव के दौरान बचाव का सुझाव दिया है। दूसरी ओर, जांच के लिए पैथोलॉजी में पंजीकरण और सैंपलिंग देने वालों की कतार रही। नहीं थम रहा डायरिया, बुखार का हमला, 32 बच्चे भर्ती : जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में सोमवार दोपहर दो बजे तक 32 बच्चे भर्ती रहे। विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक, मौसम में बदलाव में बच्चों की रोग प्रतिरोधी क्षमता कम रहती है। खानपान में जरा सी अनदेखी से इंफेक्शन और फिर डायरिया बुखार हो जाता है। बताया कि वार्ड फुल है। हालांकि, पिछले दिनों भीषण गर्मी के दौरान बीमार बच्चों की कतार कम हुई है। सोमवार को 152 बच्चे ओपीडी पहुंचे। जिन्हें दवा दी गई।।

बरेली से कपिल यादव

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