धरातल पर सरकारी योजनाओं को लागू करना पहली प्राथमिकता रहेगी : वरिष्ठ IAS चिन्मयी गोपाल

राजस्थान/बाड़मेर- आईएएस चिन्मयी गोपाल को एक सख्त और पारदर्शी प्रशासक माना जाता है। उन्हें अक्सर घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और फील्ड में जाकर योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेने के लिए जाना जाता है। टोंक और झुंझुनूं में सफलतापूर्वक कार्य करने के बाद, उन्हें राजस्थान सरकार द्वारा भारत पाकिस्तानी सरहदों पर स्थित बाड़मेर जिले में जिला कलेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है । नियुक्ति आदेश जारी होने के पश्चात वे पश्चिम बंगाल चुनावों में ड्यूटी होने के कारण चिन्मयी गोपाल ने जिला कलेक्टर बाड़मेर का पदभार ग्रहण किया है।

चिन्मयी गोपाल राजस्थान कैडर की 2014 बैच की एक बेहद काबिल और तेजतर्रार आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली चिन्मयी अपनी मजबूत प्रशासनिक कार्यशैली और जमीनी स्तर पर काम करने के लिए जानी जाती हैं।

चिनमयी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से इकोनॉमिक्स में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है । अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल कर इतिहास रचा । अपने करियर की शुरुआत उन्होंने भीलवाड़ा और रामगंज मंडी, कोटा में एसडीएम के रूप में की इसके अलावा उन्होंने अजमेर नगर निगम की पहली महिला आयुक्त, श्रीगंगानगर में सीईओ टोंक और झुंझुनूं की जिला कलेक्टर तथा कृषि आयुक्त के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं ।

बाड़मेर की कमान संभालने के बाद से ही उनकी कार्यशैली और करियर ग्राफ को लेकर आम जनता में काफी उत्सुकता देखी जा रही है। अपनी सख्त छवि और धरातल पर उतरकर मूलभूत समस्याओं का समाधान करते हुए धरातल पर समस्याओं का शानदार समाधान करने के लिए मशहूर चिन्मयी गोपाल से जिलेवासियों को विकास की नई उम्मीदें हैं। विशेष रूप से पारदर्शिता और फील्ड विजिट को प्राथमिकता देने वाली उनकी कार्यप्रणाली बाड़मेर जिले में मौजूदा प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव के संकेत दे रही है।

— राजस्थान से राजूचारण

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