जाट रेजिमेंट सेंटर के मैदान में हुई पासिंग आउट परेड, 1280 अग्निवीर बने सेना का हिस्सा

बरेली। जाट रेजिमेंट सेंटर के बख्शी परेड ग्राउंड में रविवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में 1280 रिक्रूट्स भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। 24 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अग्निवीरों ने राष्ट्र सेवा की शपथ ली। समारोह के दौरान पूरा जाट रेजिमेंट सेंटर ‘जय हिंद’ के उद्घोष से गूंज उठा। अग्निवीरों की पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि जाट रेजिमेंट सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर हरजीत प्रीतपाल सिंह रहे। उन्होंने पासिंग आउट परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट्स को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। परेड को संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर ने कहा कि रिक्रूट्स की कदमताल उनके कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और समर्पण की गवाही दे रही है। यह दिन सिर्फ रिक्रूट्स ही नहीं, उनके परिवारों के लिए भी गर्व का क्षण है। उन्होंने नए सैनिकों से संगठन, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रिक्रूट्स के अभिभावक और परिजन भी मौजूद रहे। सभी अपने बच्चों को सेना की वर्दी में देखकर खुद को गौरवान्वित महसूस करते रहे। समारोह के अंत में धर्मगुरुओं ने सभी रिक्रूट्स को उनके धर्म के अनुसार राष्ट्र सेवा और कर्तव्य पालन की शपथ दिलाई। ब्रिगेडियर हरजीत प्रीतपाल सिंह ने कहा कि जाट रेजिमेंट का इतिहास 230 वर्ष से अधिक पुराना है। इस रेजिमेंट ने देश की हर महत्वपूर्ण लड़ाई में वीरता का परिचय दिया है। इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नए सैनिकों के कंधों पर है। कहा कि पलटन ही सैनिक का परिवार होती है और पलटन के प्रति वफादारी ही देश के प्रति सच्ची वफादारी है। समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूट्स को सम्मानित किया गया। कुलवीर को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक, चित्रांश तोमर को सर्वश्रेष्ठ युद्ध एवं शारीरिक कौशल, सुशांत मलिक को सर्वश्रेष्ठ ड्रिल और विपुल मलिक को सर्वश्रेष्ठ फायरिंग का पदक दिया गया। विवेक को सर्वांग सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट और मुल्तान कंपनी को विजेता कंपनी घोषित किया गया।।

बरेली से कपिल यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *