बरेली। बुधवार को गंगा दशहरा पर रामगंगा के घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। जगह-जगह लोगों ने रामगंगा तट पर धूमधाम से पूजा की। गंगा माता से सुख समृद्धि की कामना की। रामगंगा के आसपास रहने वाले पुरोहितों ने बताया, बुधवार भोर में चार बजे से ही श्रद्धालुओं का आगमन राम घाटों पर शुरू हो गया। गंगा स्नान के बाद लोगों ने मां गंगारानी की धूमधाम से आरती की। तमाम ऐसे नव विवाहित जोड़े थे, जिन्होंने विवाह के लिए माता से मंगल कामना की थी। वह दंपति गंगा दशहरा मेला पर गंगा स्नान करने पहुंचे। तमाम लोगों थे, जो अपने बच्चों का मुंडन कराने आए। लोगों ने हवन पूजन किया। श्रद्धालुओं को गंगा स्नान करने में किसी तरह की कोई सुविधा न हो, इसके लिए घाटों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए। पुलिस फोर्स, सिविल डिफेंस, सामाजिक संगठन, तैराक समेत तमाम सुरक्षा टीमें रहीं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी के साथ बड़ी संख्या में फोर्स तैनात रहा। पंचांग के अनुसार दशमी तिथि शाम 6 बजकर 12 मिनट तक रही, जिसके बाद एकादशी तिथि का शुभारंभ हुआ। धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगा दशहरा पर स्नान और दान का विशेष महत्व है। इसी मान्यता के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामगंगा घाट पहुंचे और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। घाट पर वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार ब्राह्मणों ने श्रद्धालुओं से दक्षिणा और अन्नदान स्वीकार कर उन्हें आशीर्वाद दिया। बिजेंद्र महाराज, शिवकुमार महाराज, राजकुमार महाराज उर्फ नागा बाबा और जसवीर महाराज सहित कई ब्राह्मण श्रद्धालुओं को धार्मिक महत्व बताते हुए पूजा-अर्चना कराते नजर आए। वही मीरगंज क्षेत्र स्थित रामगंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों लोगों ने सुबह तड़के से ही गोरा लोकनाथपुर और बाबा कैलाशगिरी घाट पर पहुंचकर पवित्र रामगंगा नदी में स्नान किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना की। दिनभर घाटों पर भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और धार्मिक जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे।
बरेली से कपिल यादव
