बरेली। एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये रिश्वत लेते लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया। सूचना मिलते ही अन्य सभी लेखपालों ने कोतवाली का घेराव किया और एंटी करप्शन टीम पर आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। लेखपालों का कहना था कि टीम बिना किसी ठोस सबूत या साक्ष्यों को जबरन उनके साथी लेखपाल को उठा लाई है। साथ ही टीम पर उन्होंने पीटने का भी आरोप लगाया है। काफी देर तक कोतवाली पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया मगर वह नही माने और नारेबाजी करते रहे। एंटी करप्शन टीम के मुताबिक करमपुर चौधरी निवासी बली मोहम्मद ने शिकायत की थी कि उनका 171 गज का प्लाट है। जिसका उन्हें दाखिल खारिज करना है। इसको लेकर उन्होंने लेखपाल विपिन पटेल से बातचीत की तो उन्होंने इसके एवज मे रिश्वत की मांग रखी। जब उन्होंने रिश्वत देने से इन्कार किया तो आरोपित लेखपाल विपिन पटेल ने काम करने से इन्कार कर दिया। बाद में तय हुआ कि पांच हजार रुपये अगर दे देंगे तो वह उनका दाखिल खारिज कर देंगे। इस शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने प्रारंभिक जांच कराई तो आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद मंगलवार को ट्रैप सेट किया गया। टीम ने आरोपित लेखपाल को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही विपिन की गिरफ्तारी की सूचना अन्य लेखपालों की मिली तो सभी कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने वहां हंगामा करना शुरू कर दिया। लेखपालों का कहना था कि एंटी करप्शन टीम जबरन उन्हें उठाकर लाई है जबकि उन्होंने किसी से भी कोई रिश्वत नहीं ली थी। आरोप यह भी लगाया कि टीम ने विपिन के साथ मारपीट भी की थी। काफी देर तक कोतवाली पुलिस लेखपालों को समझाने मे जुटी रही मगर आधी रात तक सभी वहां पर डटे रहे। कोतवाली प्रभारी राजीव चौधरी ने बताया कि एंटी करप्शन टीम की तरफ से मिले शिकायती पत्र के आधार पर प्राथमिकी पंजीकृत कर ली गई है। कोतवाली के बाहर हंगामा काट रहे अन्य लेखपालों को काफी समझाने का प्रयास किया जा रहा है।।
बरेली से कपिल यादव
