आंवला, बरेली। कहते है कि पिता हर गम सह जाता है मगर माथे पर शिकन तक नही आने देता मगर औलाद का गम और उसे पाने की खुशी दोनों ही आंखों को नम करने के लिए काफी है। खास तौर से जब उसकी औलाद को नई जिंदगी मिले। मनौना धाम मे सफाई का काम करने वाले रमन का डेढ़ साल का बेटा ऋषभ जब बदमाशों के चंगुल से छूटकर आया तो खुशी के आंसुओं को बहने से नही रोक सके। बेटे को सीने से लगाया और ऋषभ को बचाने वाले पुलिस वालों का शुक्रिया अदा किया। दरअसल मनौना धाम से डेढ़ साल के मासूम ऋषभ को बदमाशों ने अगवा कर लिया था। अपने बच्चे की सलामती की मां और बाप दोनों ही दुआ कर रहे थे। मगर जब बदमाशों के चंगुल से ऋषभ छूटकर आया तो मां और पिता रमन दोनों ने दौड़कर जिगर के टुकड़े को चूमा और सीने से लगा लिया। दोनों मां-बाप के चेहरे के भाव साफ बता रहे थे कि ऋषभ को एक नई जिंदगी मिली है। ये मार्मिक नजारा जिसने भी देखा भावुक हो गया। दरअसल उसैहत बदायूं के रहने वाले रमन आंवला के मनौना धाम में साफ-सफाई का काम करते हैं। बीते रविवार सुबह करीब 10:30 बजे उनके तीन बच्चे खेलते हुए सड़क की तरफ निकल गये। दो बच्चे तो वापस आ गये मगर ढेड़ साल का बेटा ऋषभ गायब हो गया। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की। जिसके बाद दोनों बदमाशों को पैर में गोली लगी। बदमाशों से पुलिस ने पूछताछ की। उन्होंने अपना नाम योगेश कन्नौजिया निवासी धौवेला करीमनगर थाना गड़िया रंगीन शांजहापुर और पवन चंदेल निवासी कस्बा जलालाबाद, शांजहापुर बताया। आरोपियों ने बताया कि बच्चा चोरी कर उसे दिल्ली में बेचने वाले थे। इनके पास से पुलिस ने 02 अवैध तमंचे, 02 खोखा कारतूस, 02 जिन्दा कारतूस अपहरण में इस्तेमाल बिना नंबर प्लेट की बाइक भी बरामद की।।
बरेली से कपिल यादव
