रायपुर हंस मे युवक की हत्या के पीछे लव मैरिज या अन्य रंजिश, खुलासे मे लगी तीन टीमें

फरीदपुर, बरेली। रामगंगा की कटरी मे बसे रायपुर हंस गांव मे हुए इंद्रपाल सिंह हत्याकांड में अतीत की उस खुरेज इवारत को ताजा कर दिया है। जिसमें सिलसिलेवार हत्याओं का लंवा अध्याय लिखा गया था। इस बार एक ही विरादरी के दो दबंग गुटों के बीच नानी दुश्मनी के बीज प्रेमी युगल के बक्कर में पड़ गए। जिसने लड़की के चाचा की बाल ले ली। इंद्रपाल का रिकार्ड भी कई मुकदमों से रंगा था। आरोप है कि तनातनी के बीच लड़का पक्ष ने सुनियोजित तरीके से उसकी जान ले ली। घंटों की माथापच्ची के बाद मृतक पक्ष ने देर रात हत्याकांड में कार्रवाई के लिए हिष्ट्रीशीटर ठाकुर ऋषिपाल सिंह, उसके तीन घंटे सहित 4 लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौपी है। हत्याकांड के बाद आरोपी पक्ष भूमिगत जरूर हो गया है मगर गांव के हालात बेहद तनावपूर्ण बताए गए है। इंद्रपाल के भाई उमेश पाल ने गांव के ही युवक और उसके परिजन पर हत्या का आरोप लगाया है। कहा है कि करीब तीन महीने पूर्व एक आरोपी उनकी भतीजी को भगाकर ले गया और लवमैरिज कर ली। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनके भाई की हत्या कर दी। मगर पुलिस अन्य रंजिशों को भी ध्यान मे रखकर जांच कर रही है। घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार रात इंद्रपाल के साथ बैठकर शराब पीने वाले गांव के ही युवक को हिरासत मे लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार सुबह भी घटनास्थल पर सबसे पहले वही पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक रायपुर हंस निवासी इंद्रपाल की गांव मे कई लोगों से रंजिश चल रही थी। 11 जनवरी 2026 को इंद्रपाल की भतीजी गांव के ही विकास के साथ फरार हो गई और प्रेम विवाह कर लिया। इंद्रपाल के भाई ने विकास, उसके भाई सर्वेश व संगम, पिता ऋषिपाल और सुरेश प्रधान समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद से इंद्रपाल की सुरेश प्रधान और उनके साथियों से भी रंजिश हो गई थी। इंद्रपाल के परिवार वाले इसी रंजिश मे हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। मगर शाम तक उन लोगों ने किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी। वही पुलिस का कहना है कि इंद्रपाल के खिलाफ जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस समेत दस मुकदमे दर्ज है। एक बार उसने भाई ने इंद्रपाल को तमंचा समेत पकड़कर पुलिस को सौंपा था। ऐसे में अन्य रंजिश को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक 20 जनवरी 2024 को इंद्रपाल ने गांव के ही दीपक पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। दीपक ने इंद्रपाल के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने इंद्रपाल को जेल भेज दिया। करीब दो साल तक जेल मे रहने के बाद इंद्रपाल कुछ महीने पहले ही जेल से छूटकर आया था। इसी बीच गुरुवार रात उसकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम के बाद शाम को उसका शव गांव पहुंचा तो कड़ी निगरानी के बीच अंतिम संस्कार कराया गया। असलहा सटाकर मारी गई दो गोलियां : इंद्रपाल की तीन गोलियां मारकर हत्या की गई। एक गोली पीठ में सटाकर मारी गई, जो अंदर फंसी मिली। सीने में भी गोली सटाकर मारी गई, जो आरपार हो गई। इन दोनों जख्मों पर ब्लैकनिंग मिलने से गोली सटाकर मारने की बात सामने आई है। वहीं, पैर में लगी गोली हड्डी तोड़कर आरपार हो गई। सीने वाली तिरछी लगी है। जिससे आशंका जताई जा रही है कि बैठने के दौरान उसे गोलियां मारी गई है।।

बरेली से कपिल यादव

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