बरेली। सर्राफा बाजार इन दिनों भारी सन्नाटे के दौर से गुजर रहा है। पहले से मंदी की मार झेल रहे कारोबारियों और ज्वेलरी कारीगरों की परेशानियां बढ़ गई हैं। जिले में 1200 से अधिक सर्राफा व्यापारी हैं। इनके प्रतिष्ठानों पर 4000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। वहीं जिले में करीब 20000 कारीगर ज्वेलरी बनाने के काम से जुड़े हैं। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने भले ही देशहित में अपील की हो लेकिन इसका असर कारोबार पर पड़ेगा। यदि यही हालात रहे तो आने वाले दिनों में कारोबार चौपट हो जाएगा। इससे बेरोजारी बढ़ेगी। सर्राफों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने अत्यंत जरूरी होने पर ही सोने की खरीद करने की सलाह दी है लेकिन इसका असर जल्द ही देखने को मिलेगा। सर्राफा कारोबारियों ने बताया कि ऐसी ही एक अपील करीब 60 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की थी। उस समय में भी कारोबार सिमट गया था। बाजार में कच्चे सोने की कमी हो गई थी। मिलावटी सोना ज्यादा बिकने लगा था, जिससे सर्राफों को काफी परेशानी हुई थी। व्यापारियों का कहना है कि अपील को अभी दो दिन ही हुए हैं, लेकिन बाजारों में असर दिखने लगा है। जिन शोरूमों पर पहले ग्राहकों की भीड़ रहती थी, वहां अब लोग नजर नहीं आ रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार सोने के लगातार बढ़ते दामों की वजह से सर्राफा बाजार पहले ही करीब 50 प्रतिशत प्रभावित हो चुका था, जबकि अब इस नई अपील ने बचा हुआ कारोबार भी ठप होने की स्थिति में पहुंचा दिया है।।
बरेली से कपिल यादव
