बरेली। मरम्मत के लिए चौपुला पुल मंगलवार दोपहर से 45 दिन के लिए बंद कर दिया गया। वाहनों को सुभाषनगर चुंगी और मढ़ीनाथ पुल से डायवर्ट किया गया है। पहले दिन अफरातफरी में लागू हुए डायवर्जन के दौरान छोटे चार पहिया वाहन और ऑटो व ई रिक्शा आदि मढ़ीनाथ के अंदर घुसे तो पूरा इलाका जाम से जूझ गया। जिसके चलते दिन भर लोगों को परेशान होना पड़ा। खस्ताहाल हो चुके चौपुला पुल की मरम्मत के लिए मंगलवार सुबह आठ बजे से रूट डायवर्जन की घोषणा की गई लेकिन इसे दोपहर करीब साढ़े 12 बजे लागू किया गया। दोपहर में अचानक पुल पर दोनों ओर से वाहनों का आवागमन बंद कर दिया। जिससे गन्ना मिल की ओर जाम लग गया। रामगंगा की ओर से आने वाली कार और ऑटो-टेंपो व ई-रिक्शा गन्ना मिल से मढ़ीनाथ वाली गली में घुसे तो होली चौक, सिठौरा मोड़, शांति विहार समेत मढ़ीनाथ का पूरा इलाका कुछ ही देर में जाम से जूझने लगा। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड लगाए गए थे लेकिन स्थिति फिर भी बेकाबू रहे। दोपहर में स्कूल की छुट्टी हुई तो बच्चों के वाहन और एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। दिन भर यहां अव्यवस्था की स्थिति रही, जिसे संभालने के लिए बैरियर लगाकर यातायात गुजारा गया। मढ़ीनाथ रूट पर जाम को रोकने के लिए पुलिस ने कार सवारों को रोकने का प्रयास किया। इस आसपास रहने वाले लोग अपने घर जाने की बात कहने लगे और आधार कार्ड दिखाने के बाद उन्हें मढ़ीनाथ रूट पर जाने दिया गया। ऑटो और ई-रिक्शा वालों को रोका गया तो उन्होंने सवारी ढोने के लिए यही तरकीब अपनाई। इस वजह से भी वहां जाम को नियंत्रित करने में ट्रैफिक पुलिस का पसीना छूट गया। पुल बंद होने से स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी : चौपुला पुल बंद होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है, जिसका सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। हरी शंकर ने कहा कि चौपला पुल शहर का अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।।
बरेली से कपिल यादव
