बरेली। वृहद गोवंश संरक्षण केंद्र मधुनगला, नवाबगंज मे अगस्त 2025 से अप्रैल 2026 तक 54 गोवंशों की मौत हुई। पंचनामा, गोवंश मृत्यु प्रमाण पत्र होने के बाद भी लॉग बुक में केवल पांच गोवंश की मृत्यु को दर्ज किया गया। गोशाला मे भूसे, चारे की कमी से गोवंश लगातार कुपोषित हो रहे हैं। जिला स्तरीय टीम की जांच में यह तथ्य निकालकर सामने आए है। वृहद गोवंश संरक्षण केंद्र मधुनगला के बाहर अगस्त 2025 मे 17 गोवंशीय पशुओं के शव मिले थे। तब से इस गोशाला की जिला स्तर से लगातार निगरानी कराई जा रही है। बीते दिनों जिला विकास अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने गोशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोशाला की स्थिति चिंताजनक पाई गई। मौके पर उपस्थित पशु चिकित्सक ने पंचनामा, गोवंश मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए। इसके अनुसार अगस्त 2025 में नौ गोवंश, सितंबर 2025 में एक गोवंश, अक्टूबर में एक गोवंश, नवंबर में चार गोवंश, दिसंबर में दस गोवंश, फरवरी 2026 में दो गोवंश, मार्च 2026 में 11 गोवंश और अप्रैल 2026 में 16 गोवंश मृत दिखाए गए है मगर गोवंश लॉग बुक पंजिका में अगस्त 2025 में कुल पांच गोवंश की मृत्यु की ही तारीख अंकित की गई है। कारण पूछने पर ग्राम प्रधान, पशु चिकित्सक और केयर टेकरों के जवाब में एकरूपता नही पाई गई। गोशाला की स्थिति देखकर यह निष्कर्ष निकला कि गोवंशों के खाने के लिए पर्याप्त भूसा, चोकर और हरा चारा उपलब्ध नहीं होने के कारण 30-40 गोवंश कमजोर हो गए है। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान पूर्ण रूप से दोषी हैं। पंचनामा, गोवंश मृत्यु प्रमाण पत्र के अनुसार लाग बुक पंजिका मे गोवंशों की मृत्यु की तारीख अंकित नही की गई है। डीडीओ दिनेश यादव ने बताया कि जांच पूरी कर रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए सीडीओ को भेज दी है। सभी गोवंशों की मृत्यु लॉग बुक में दर्ज कराई गई है। इस प्रकरण में अभी तक प्रधान को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा बीडीओ, सचिव, एडीओ पंचायत, पशु चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं। पूर्व में सचिव को भी निलंबित किया जा चुका है। हालांकि वो कोर्ट से निलंबन के विरुद्ध स्टे ला चुकी है।।
बरेली से कपिल यादव
