बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने ईद-उल-अजहा और नमाज को लेकर महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी इस्लाम का अहम हिस्सा है और यह हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत की याद में की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मालदार मुसलमानों के लिए कुर्बानी जरूरी मानी गई है। मौलाना ने अपील की कि कुर्बानी खुले या सार्वजनिक स्थानों पर न की जाए। लोगों से कहा गया कि स्लॉटर हाउस या अपने घरों में ही कुर्बानी करें और जानवरों के खून व अवशेषों को गड्ढा खोदकर दफन करें। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुर्बानी की फोटो और वीडियो साझा न करने की भी सलाह दी। कहा कि परिवार के युवाओं को भी इस संबंध में जागरूक किया जाए, ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। नमाज को लेकर उन्होंने कहा कि सड़क और चौराहों पर नमाज़ पढ़ने से बचना चाहिए क्योंकि वहां शोर और ट्रैफिक के बीच इत्मीनान और सुकून संभव नहीं होता। उन्होंने लोगों से मस्जिदों और घरों में नमाज अदा करने की अपील की। मौलाना ने यह भी कहा कि जहां मस्जिदों में जगह कम पड़ती है, वहां एक ही मस्जिद या ईदगाह में अलग-अलग जमातें कराई जा सकती है। उन्होंने लोगों से दूसरे धर्मों की आस्था और भावनाओं का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी के दौरान प्रतिबंधित पशुओं से बचें और किसी भी विवाद की स्थिति में शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन को सूचना दें।।
बरेली से कपिल यादव
