फरीदपुर, बरेली। रायपुर हंस मे इंद्रपाल की हत्या के पीछे प्रेम विवाह की रंजिश बताते हुए उसके भाई ने हिस्ट्रीशीटर ऋषिपाल सिंह समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। ऋषिपाल कटरी में हुए ट्रिपल मर्डर का भी आरोपी है। वहीं पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से पूर्व इंद्रपाल सिंह का गांव के ही चार लोगों से झगड़ा हुआ था, जो फरार है। मामले के खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमें जांच में जुटी हुई है। फरीदपुर के गांव रायपुर हंस निवासी 40 वर्षीय इंद्रपाल सिंह की गुरुवार रात बाग में सोते समय गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारे इंद्रपाल का खून से लथपथ शव चारपाई पर छोड़कर भाग गए थे। इस मामले में उसके भाई उमेश पाल सिंह ने गांव में ही रहने वाले कटरी में ट्रिपल मर्डर के आरोपी हिस्ट्रीशीटर ऋषिपाल सिंह, उसके बेटे सर्वेश, संगम व विकास और रिश्तेदार तेजपाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। उमेश का आरोप है कि एक जनवरी को ऋषिपाल का बेटा विकास उनकी भतीजी को ले गया था। 10 फरवरी को उन्होंने विकास और उसके पिता ऋषिपाल समेत अन्य साथियों पर अपहरण का केस दर्ज कराया था। मगर भतीजी ने विकास से लव मैरिज कर ली और उसे विकास की सुपुर्दगी में दे दिया गया। इंद्रपाल लगातार इसका विरोध कर रहे थे। इसी वजह से आरोपी रंजिश मानने लगे और गोली मारकर इंद्रपाल की हत्या कर दी। जांच मे सामने आया है कि इंद्रपाल की कई लोगों से रंजिश भी थी। जिसके चलते हर वक्त वह तमंचा रखता था और काफी फुर्तीला था। ऐसे मे उसकी हत्या किसी परिचित ने धोखे मे रखकर या फिर अत्यधिक शराब पिलाकर की है। इंद्रपाल भी दबंग था और उस पर दस मुकदमे दर्ज थे। मगर लव मैरिज से दोनों परिवारों मे रंजिश शुरू हो गई। उमेश का आरोप है कि 30 अप्रैल को ऋषिपाल का रिश्तेदार सिरौली के गांव लीलौर निवासी तेजपाल रायपुर हंस आया था। दोपहर में दो बजे ऋषिपाल के बेटे विकास और तेजपाल ने इंद्रपाल को घेर लिया। तमंचा लहराते हुए इंद्रपाल को हत्या की धमकी दी। इंद्रपाल ने घर जाकर परिवार वालों को जानकारी दी।।
बरेली से कपिल यादव
