बरेली। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी में युवा नेतृत्व को प्रमुखता देने की रणनीति के तहत बिथरी विधानसभा क्षेत्र से एक नाम चर्चा में तेजी से उभर रहा है — सूरज यादव। पवन विहार कॉलोनी, बरेली निवासी सूरज यादव ने अपने राजनीतिक गुरु स्वर्गीय राम गोविंद चौधरी से राजनीति की बारीकियों को बहुत ही समझदारी से सीखा है। सपा के इतिहास में राम गोविंद चौधरी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है।
शैक्षणिक योग्यता के मामले में सूरज यादव ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम.ए. इंग्लिश तथा रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से एम.ए. इतिहास, राजनीति विज्ञान और एल.एल.बी. की डिग्री हासिल की है। उनका संगठनात्मक अनुभव भी काफी समृद्ध है। वर्ष 2016 से 2019 तक वे राष्ट्रीय महासचिव, मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड रहे। वर्ष 2015 में समाजवादी युवजन सभा, उत्तर प्रदेश के कोषाध्यक्ष तथा वर्ष 2014 में मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड, समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश के कोषाध्यक्ष के रूप में उन्होंने जिम्मेदारी निभाई।
इसके अलावा वर्ष 2012 में वे समाजवादी पार्टी, बरेली की जिला कार्यकारिणी के सदस्य रहे। वर्ष 2009 में समाजवादी युवजनसभा, बरेली के जिलाध्यक्ष और वर्ष 2008 में समाजवादी पार्टी, बरेली के जिलासचिव तथा लोहियावाहिनी, बरेली के जिलाध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठन को मजबूत किया। वर्ष 1993 से ही वे समाजवादी पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करते रहे हैं।
आंदोलनों में भी सूरज यादव हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहे। बरेली एवं झांसी मंडल की ‘देश बचाओ देश बनाओ रैली’ में उनकी सक्रिय भूमिका रही। सभी जेल भरो आंदोलनों में जेल जाने सहित उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका अदा की।
व्यवहार कुशलता, ईमानदारी एवं पार्टी के प्रति निष्ठा के कारण सूरज यादव पार्टी में एक भरोसेमंद युवा चेहरा माने जाते हैं। हर धर्म और जाति के लोगो की समस्याओ का प्रमुखता से निराकरण मे भरपूर सहयोग करने के चलते सभी मे लोकप्रिय है ।ऐसे में यदि समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव में युवा नेतृत्व को चेहरा बनाती है, तो बिथरी विधानसभा में सूरज यादव सपा के मजबूत प्रत्याशी के रूप में सामने आ सकते हैं।
